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हवा में बना था बजट, नौ विभागों की योजना में फेरबदल

छह माह पूरा होते-होते सरकार के बजट की पोल खुल गई। अब यह बात खुल कर सामने आ गयी है कि केंद्र सरकार के निर्देश के बाद भी राज्य में हवा में ही बजट बना था। सरकार ने स्वीकार कर लिया है कि नौ प्रमुख विभागों के योजना बजट का आधार सही नहीं था।

अब इनके योजना आकार में फेरबदल किया गया है। राष्ट्रपति शासन होने के कारण केंद्रीय वित्त मंत्रलय की देखरेख में राज्य का बजट संसद से पारित हुआ था। केंद्र सरकार ने वास्तविक और तार्किक बजट बनाने का निर्देश राज्य के आला अधिकारियों को दिया था, लेकिन इस पर अमल नहीं किया गया।

योजनाओं की समीक्षा बैठक में विकास आयुक्त ने माना कि करीब डेढ़ दजर्न विभागों में कई जरूरी कामों के लिए योजना बजट में राशि का प्रावधान ही नहीं कि या गया। अब अनुपूरक बजट में इसके लिए व्यवस्था करने पर मंथन चल रहा है।

उन्होंने विभागीय सचिवों को काम में तेजी लाने के साथ-साथ गैरजरूरी तय राशि सरेंडर करने का निर्देश दिया है। राज्य में विकास कार्यो की गति काफी धीमी है। अब तक 15 फीसदी राशि भी खर्च नहीं हो पायी है। सरकार ने 8200 करोड़ का योजना बजट संसद से पारित कराया है।

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  • Web Title:हवा में बना था बजट