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डेयरी से राज्य में गरीबी मिटेगी : राज्यपाल

राज्यपाल के शंकरानारायणन ने कहा कि डेयरी  व्यवसाय से राज्य में गरीबी मिटेगी। अच्छी गुणवत्ता का दूध लोगों को मिल पाएगा। यहां की जमीन एवं जलवायु दुधारू मवेशी पालन के लिए उपयुक्त है। ग्रामीणों का जीवन स्तर उठाने एवं आमदनी बढ़ाने के लिए उनकी सहभागिता पशुपालन, मत्स्यपालन एवं फल-सब्जी उत्पादन जैसे कार्यकलापों में बढ़ाई जानी चाहिए।

राज्यपाल दो अक्तूबर को यहां होटवार में एक लाख लीटर क्षमता के दुग्ध प्लांट का शिलान्यास करने के बाद आयोजित सभा में बोल रहे थे। वहां लगी प्रदर्शनी को भी उन्होंने देखा। राज्यपाल ने कहा कि सरकार आम व्यक्ति की सेवा के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए कई तरह की योजनाएं शुरू की गई है। सभी इसका लाभ उठाएं। इस काम में पैसा बाधा नहीं बनेगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन की योजना नरेगा पर भी उनका ध्यान है। दसवीं पंचवर्षीय योजना के अंत तक राज्य में दूध का उत्पादन 14 लाख मीट्रिक टन था और खपत 23.26 लाख मीट्रिक टन। राज्य में प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता मात्र 152 ग्राम है, जबकि राष्ट्रीय औसत 240 ग्राम है।

राज्यपाल ने कहा कि ग्रामीण विकास का सपना साकार करने के लिए सरकार ने दूध उत्पादन एवं पशुपालन व्यवसाय को बढ़ाने का संकल्प लिया है। इससे जमीन को गोबर भी मिलेगा। उसकी उर्वरा शक्ति एवं जल संचयन क्षमता बढ़ेगी। दूध की मांग को पूरा करने के लिए 11वीं पंचवर्षीय योजना में 295.59 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

झारखंड डेयरी प्रोजेक्ट का बजट पांच वर्षो के लिए 50 करोड़ रखा गया है। इससे राज्य के 12 जिलों के 920 गांवों के 41500 दुग्ध उत्पादक परिवार लाभान्वित होंगे। समारोह को केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय, राज्यपाल के सलाहकार जी कृष्णन ने भी संबोधित किया। स्वागत पशुपालन सचिव एपी सिंह एवं धन्यवाद ज्ञापन बायफ के एसके सिन्हा ने किया।

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