DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

झींडा पर फैसला अब चुनाव बाद

सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था अकाल तखत ने हरियाणा शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एचएसजीपीसी) एडहाक के अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा और उनके समर्थकों की सजा पर वीरवार को फैसला 14 अक्तूबर के लिए टाल दिया। छठी पातशाही गुरुद्वारा पर कब्जे के मामले में इससे पहले 19 सितम्बर को एडहाक कमेटी के पदाधिकारियों की अकाल तखत के समक्ष पेशी हुई थी ।

राजनैतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि यह अकाल तख्त का फैसला नहीं बल्कि अकाली दल का एक राजनैतिक पैंतरा है। 13 अक्तूबर को हरियाणा में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होगा। अकाली कोई ऐसा कदम नहीं उठाना चाहते जिससे हरियाणा के सिख भड़कें और उनके गठबंधन के साथी ओमप्रकाश चौटाला के इंडियन नेशनल लोकदल को कोई चुनावी नुकसान हो।

राज्य के एक दजर्न से ज्यादा चुनाव क्षेत्रों में सिख मतदाता हार जीत तय करने की स्थिति में हैं। अकाल तखत पर पेशी के बाद एडहाक कमेटी के महासचिव जोगा सिंह ने ‘हिन्दुस्तान’ से कहा कि अकाल तखत के पांचों ग्रंथियों का रुख नरम था। वे एडहाक कमेटी के पदाधिकारियों की बातों को बड़े ध्यान से सुनते रहे। उन्होंने आश्वासन भी दिया कि वे उनके साथ इंसाफ करेंगे।

एडहाक कमेटी के इन पदाधिकारियों पर आरोप है कि इन्होंने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) अमृतसर के अतंर्गत आने वाले कुरुक्षेत्र के छठी पातशाही के ऐतिहासिक गुरुद्वारे पर 13 सितम्बर को जबरन कब्जा किया था। इस बारे में एडहाक कमेटी का कहना था कि उन्होंने यह कारवाई मात्र अपना रोष प्रकट करने के लिए की तथा इस दौरान सिखी मर्यादा का पूरा ध्यान रखा। कमेटी का यह भी कहना था कि उसकी यह कब्जा कारवाई मात्र प्रतीकात्मक थी व इसका उद्देश्य यह बताना था कि यदि उनकी  मांग न मानी गई तो वह ऐसा भी कर सकते हैं।

सिंह साहिबानों ने प्रधानमंत्री को कोसा

अकाल तखत के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने वीरवार को कहा कि हरियाणा में अलग गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी बनाने पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की कथित सहमति एक राजनीतिक हथकंडा है। उन्होंने कहा कि इसके जरिये कांग्रेस सिखों को विभाजित कर चुनावी लाभ हासिल करना चाहती है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:झींडा पर फैसला अब चुनाव बाद