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शहर में लगी अधिकांश प्रतिमाएं है बदहाल, नहीं आई सुध

भले ही विदेशों में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के प्रति श्रद्धा बरकरार है। वहीं अपने देश में बापू बेगाने है। हाल यह है कि राष्ट्रपिता से जड़े स्थलों को लेकर भले ही विदेशों में संरक्षण और उनके संवर्धन के प्रयास किये जा रहे है। वहीं देश में उनके स्मारक स्थलों और प्रतिमाओं की उपेक्षा की जा रही है। हिन्दुस्तान टीम ने गुरुवार को शहर में उन स्थलों का जायजा लिया। जिनका किसी न किसी रूप में नाम अथवा सरोकार राष्ट्रपिता महात्मा गांधी से जुड़ा है।

शहर में गांधी जी की गांधी आश्रम के अलावा दो ओर स्थल ऐसे है। जो उनकी याद दिलाते है। इनमें एक है गांधी आश्रम चौराहा, दूसरा गांधी बाग। शहर में विभिन्न स्थानों पर लगी उनकी प्रतिमाएं धूल फांक रही है। पूर्व संध्या पर भी उनकी याद दिलाने वाले स्थलों पर सफाई नहीं हुई। नौचंदी ग्राउंड में लगी गांधी जी की प्रतिमा की तो सफाई के साथ ही रंगाई-पुताई कराई गई, लेकिन गांधी बाग, मेरठ कालेज परिसर, केसरगंज में शिक्षक संघ कार्यालय परिसर में लगी गांधी जी की प्रतिमाएं उपेक्षित रही।

केसरगंज स्थित शिक्षक संघ कार्यालय परिसर में लगी गांधी जी की प्रतिमा जाली में कैद है। हालांकि लोग इसे सुरक्षा के लिहाज से जाली में रखने की बात कह रहे है। बताते है कि पूर्व में मेरठ कालेज परिसर में लगी बापू की प्रतिमा खंडित हो गई थी। इसके साथ ही नौचंदी ग्राउंड में लगी प्रतिमा का चश्मा गायब हो गया था। वह भी आज तक खोजा नहीं जा सका। मेरठ कालेज परिसर में स्मारक भी उपेक्षित है।

यहां गांधीवादी विचारधारा के लोगों ने उपवास रखा था। बाद में गांधी जी यहां आए भी थे। इसी तरह गांधी आश्रम में वह भवन भी बदहाल स्थिति में है। जहां मेरठ प्रवास के दौरान अक्सर गांधी जी आराम किया करते थे। गांधीवादी विचारधारा से सरोकार रखने वालों को भी प्रतिमाओं और स्मारक स्थलों से कोई वास्ता नहीं है। तभी भी बदहाली का आलम लगातार बढ़ता जा रहा है।

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  • Web Title:यहां तो बेगाने है ‘बापू’