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29 फरवरी, 2020|8:22|IST

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परिवार को बंधक रखने वाले को जमानत मिली

अपने परिवार की महिलाओं को सात साल तक कथित तौर पर घर में बंद रखने के आरोपी व्यक्ति को गिरफ्तार करके गुरुवार को एक स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जमानत मिल गई। फ्रांसिस गोम्स नाम के इस आदमी को 15000 रुपये के मुचलके पर जमानत मिल गई।

अदालत ने उसे पहले 15 अक्तूबर तक न्यायिक हिरासत में रखने के आदेश दिए, जिसके बाद उसने जमानत के लिए याचिका दायर की। अदालत के बाहर गोम्स ने कहा कि मुझे झूठे मामले में फंसाया गया है। मेरी पत्नी और बेटियां मानसिक तौर पर बीमार हैं और मैं उन्हें उनकी सुरक्षा के लिए घर के अंदर बंद करके रखता था।

गोम्स कथित तौर पर अपनी पत्नी और तीन बेटियों को घर के अंदर बंद करके रखता था, ताकि उनके साथ कोई अजनबी बलात्कार न कर ले। गोम्स ने कहा कि गैर सरकारी संगठन आनंद पुनर्वास केंद्र ने मेरी पत्नी और बेटियों को ले जाने से पूर्व मुझसे कुछ नहीं कहा। मैं अपने घर पर बच्चों के लिए कंप्यूटर क्लास चलाता हूं, ऐसे में पत्नी और बेटियों के साथ बुरे व्यवहार का कोई प्रश्न ही नहीं उठता।

बेटियों को कैद में रखने के आरोप पर उसने कहा 2004 में मेरी बेटी एलिजाबेथ का किसी ने अपहरण कर लिया और उसके साथ 20 दिनों तक बलात्कार किया। यही कारण है कि मैं अपनी बेटियों को अजनबियों से दूर रखता हूं, ताकि वे सुरक्षित रहें। इसी बीच, आनंद पुनर्वास केंद्र के प्रमुख आर गोपालकृष्णन ने कहा कि गोम्स शिजोफ्रेनिया से पीड़ित है, इसलिए उसे तुरंत उपचार की जरूरत है।

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