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गांधी जयंती : उधारी में याद किये जायेंगे बापू

प्रत्येक साल की तरह इस साल भी दो अक्तूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी याद किये जायेंगे। सरकारी कार्यक्रम होंगे। प्रभात फेरी निकाली जायेगी और शासन की योजनाओं का गुणगान होगा। सारे कार्यक्रम उधारी में होंगे। शासन के स्तर से बापू को याद करने के लिए शासनादेश तो आ गया, लेकिन इस वर्ष एक अक्तूबर तक कोई फंड जारी नहीं किया गया।

वैसे प्रत्येक वर्ष बापू की जयंती के अवसर पर सरकारी स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किये जाने को लेकर 250 रुपये जिले को आवंटित किये जाते थे। इस वर्ष वह भी नहीं आया है। हालांकि गांधी जयंती को लेकर प्रशासन का पूरा अमला दो अक्तूबर को लगा रहेगा।

इस संबंध में शहर में होने वाले कार्यक्रम को लेकर 25 सितम्बर को प्रभारी डीएम प्रांजल यादव की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक के बाद एडीएम सिटी महावीर सिंह आर्य की ओर से नगर निगम, एमडीए, गांधी आश्रम, बीएसए सहित प्रशासन के सारे विभागों को तैयारी में लगा दिया है।

सभी विभाग के अधिकारी अपने फंड से ही कार्यक्रम की तैयारी करेंगे। वैसे मुख्य सचिव अतुल कुमार गुप्ता ने प्रशासन को पत्र जारी कर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर शासन की प्राथमिकताओं और विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की चर्चा करने को कहा है।

शासन के आदेश पर प्रशासन की ओर से कुल 18 कार्यक्रमों की सूची जारी की गई है। प्रभात फेरी, ध्वजारोहण, माल्यार्पण, दौड़ प्रतियोगिता, शिक्षण संस्थानों में वाद-विवाद, सांस्कृतिक कार्यक्रम, चरखा यज्ञ, क्रिकेट मैच, चरखा कताई, फल वितरण, हवन, विचार गोष्ठी, सर्वधर्म प्रार्थना सभा, गांधी की प्रतिमाओं पर दीप प्रज्वलन आदि का कार्यक्रम होगा। इतने सारे कार्यक्रमों का सरकारी आयोजन होगा।

आयोजन होगा बिना किसी पैसे का अथवा उधारी में। शासन से पैसा आया तो ठीक और नहीं तो ऐसे भी होगा आयोजन। वैसे जिला नजारत का रिकार्ड गवाह है कि वर्ष 2008 तक शासन से गांधी जयंती को लेकर 250 रुपये मिलते थे। यह है शासन और प्रशासन की बापू के नाम पर सरकारी आयोजन का हश्र।

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  • Web Title:गांधी जयंती : उधारी में याद किये जायेंगे बापू