DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

आंदोलन के तरीके

हमारे विरोध और आंदोलन के तरीके जैसे-जैसे हिंसा और झूठ पर आधारित होते जा रहे हैं, महात्मा गांधी की अहिंसा की सीख ज्यादा प्रासंगिक होती जा रही है। हाथरस में एक स्टेशन को बहाल करने के लिए स्थानीय लोगों ने जो उपद्रव और आगजनी की है वह शर्मनाक है। हो सकता है कि स्टेशन बहाल हो जाने से कुछ लोगों को थोड़ी सुविधा मिल जाती, लेकिन उसके लिए वे कितने लोगों को असुविधा में डालने जा रहे हैं और देश की कितनी संपत्ति का नुकसान करने जा रहे हैं, इस बारे में उन्होंने तनिक भी सोचा हो ऐसा नहीं लगता।

यह कम आमदनी के कर्मचारियों और दैनिक यात्रियों की नासमझी थी और वे यह भूल गए थे कि जिस संपत्ति को वे नुकसान पहुंचा रहे हैं वह उनकी अपनी भी है। लेकिन छह लाख रुपए महीने की आमदनी करने वाले कार्यकारी पायलटों ने भी जब पांच दिनों तक दांत दर्द, बुखार और फ्लू जैसी बीमारियों के झूठे बहाने बना कर इंडियन एअरलाइंस को करोड़ों की चपत और हजारों यात्रियों को तकलीफ दी, तब भी यह आंदोलन करने का गलत तरीका ही कहा जाएगा।

झूठ के माध्यम से बनाए गए दबाव से जो समस्याएं हल की जाती हैं वे वास्तव में हल होने की बजाय भीतर ही भीतर सुलगती रहती हैं और कभी भी गंभीर रूप धारण कर सकती हैं। नक्सली और आतंकवादी हिंसा हमारे दौर की सबसे बड़ी चुनौती के रूप में सामने आ रही है। संभव है इन अतिवादी रास्तों पर चलने का फैसला करने वालों में समझदार लोग हों और उनके साथ अन्याय हुआ हो या वे किसी के साथ हुए अन्याय को देखकर व्यथा की सीमाएं पार कर गए हों। इसीलिए वे अपने इस मार्ग को राज्य की हिंसा के सामने बेहतर बताते हैं। लेकिन हिंसा की प्रतिस्पर्धा में किसी के लिए कुछ बेहतर नहीं निकलता।
   
गांधी ने हिंसा और झूठ पर आधारित प्रतिरोध के इन तरीकों को न तो गुलाम भारत के लिए सही बताया था और न ही स्वाधीन भारत के लिए। वे जब आंदोलन के लिए अहिंसा का प्रयोग करते थे तो प्रयोग करने वाले के साथ विरोधी में भी एक तरह का नैतिक परिवर्तन और अनुशासन पैदा होता था। आज स्वाधीन लोकतांत्रिक भारत में तमाम तरह की असमानताओं के कारण तनाव और विरोध की स्थितियां पैदा होती रहती हैं। इसलिए हमें जरूरत है आंदोलन के ऐसे रचनात्मक तरीके बनाने की जो हिंसा और झूठ से अलग गांधी के आदर्शो से प्रेरित हों और विकास व मानवता की रेल को पटरी से भी न उतारें।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:आंदोलन के तरीके