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विधानसभा चुनाव: सुरक्षा को छोड़कर गनमैन बना प्रचारक

विधानसभा चुनाव में खड़े प्रत्याशियों को सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने एक-एक गनमैन दिए हैं। मगर, साइबर सिटी के एक प्रत्याशी ने गनमैन के रुप में अपना एकमात्र प्रचारक ढूंढ लिया है। इतना ही नहीं जहां चुनावी दौर में अन्य प्रत्याशियों के पीछे मर्सिडीज, स्कार्पियो सहित ऑटो, रिक्शा में हजारों समर्थकों का हुजूम है। वहीं गुड़गांव विधानसभा से निर्दलीय उम्मीदवार के रुप में खड़े 38 वर्षीय प्रत्याशी अपनी बाइक में गनमैन के साथ बैठकर डोर टू डोर प्रचार कर रहे हैं।

प्रत्याशी के प्रचार का साधन व तरीका चाहे जो हो, मगर उसे यकीन है कि आम लोगों की मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दे वोटरों को रिझाने व जीत दिलाने में मददगार साबित हो सकते हैं। गुड़गांव विधानसभा से खड़े निर्दलीय प्रत्याशी व भाव-भाजी विक्रेता कुशेश्वर भगत इन दिनों अपने गनमैन के साथ जनसंपर्क व प्रचार अभियान में जुटे हैं। भगत का कहना है कि एक से भले दो। फिलहाल उसे अपनी सुरक्षा से ज्यादा वोटरों का दिल जीतने की चिंता है। सो उसने गनमैन को अपने प्रचार अभियान से जोड़ लिया है।

वोटरों तक मुद्दे पहुंचाने में वह पूरी मदद कर रहा है। वे कहता है कि अन्य प्रत्याशियों की भांति वह प्रचार में लाखों रुपये व हजारों की संख्या में भीड़ इकट्ठा नहीं कर सकता। इसलिए वह अपने गनमैन  के साथ घर-घर जाकर व सामूहिक रुप से जनता को अपनी ओर आकर्षित करने का प्रयास कर रहा है। प्रत्याशी कहता है कि वह और उसके मुद्दे जमीन से जुड़े हैं। मुख्य पार्टियों के राज में गुड़गांव की जनता को टूटी सड़कें, बहते सीवर, बिजली, पानी के लिए मारामारी हाथ लगी।

जबकि दोषपूर्ण शिक्षा-प्रणाली के कारण आर्थिक रुप से कमजोर बच्चों शिक्षा के अधिकार से वंचित हो रहे हैं। अगर, लोकसभा चुनाव से बढ़कर इस बार जनता उन पर भरोसा करती है, तो वह दावों से ज्यादा काम कर दिखाएंगें। उल्लेखनीय है कि मई में हुए लोकसभा चुनाव में भगत को समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार के बराबर वोट मिले थे। उधर, अन्य प्रत्याशी अनेक तरह के प्रलोभन देकर भीड़ को अपने प्रचार अभियान में जोड़ रहे हैं।

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