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कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए चाहिए ढाई हजार करोड़ और: एमसीडी

कॉमनवेल्थ गेम्स के प्रोजेक्ट की योजनाएं समय पर पूरा होने में अगर कोई देरी हुई तो उसके लिए फंड की कमी अड़चन बन सकती है क्योंकि दिल्ली सरकार पूरा फंड मुहैया नहीं करा रही है। यह आरोप गुरुवार को एमसीडी में सत्तारूढ भाजपा नेताओं ने उपराज्यपाल से मुलाकात के दौरान लगाए हैं तथा राष्ट्रमंडल खेलों के विकास कार्यो के लिए ढाई हजार करोड़ रुपये का बजट सरकार से आवंटित कराने की मांग की। उपराज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल को उनकी मांगों पर उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया है।

भाजपा नेताओं ने उपराज्यपाल तेजेंद्र खन्ना से कहा कि राजनैतिक द्वेष भावना को दरकिनार कर दिल्ली के विकास, सड़कों के रखरखाव, पार्को के अनुरक्षण, सफाई व्यवस्था वगैरह के लिए ढाई हजार करोड़ रुपये की राशि आवंटित की जाए ताकि गेम्स से पहले दिल्ली को विश्वस्तरीय शहर बनाया जा सके। छठे वेतन आयोग के कारण एमसीडी पर 11सौ करोड़ रुपये का अतिरिक्त सालाना बोझ पड़ा है। सरकार को चाहिए कि इस मद में 550 करोड़ रुपये का सालाना अनुदान निगम को दे। प्रतिनिधिमंडल में मेयर डा.कंवर सेन, सदन के नेता सुभाष आर्य, महेंद्र नागपाल, विजेंद्र गुप्ता, पी.आर.साहनी, आरती मेहरा आदि थे।

उन्होंने आरोप लगाया कि सफाई व्यवस्था, सड़कों का निर्माण, पार्को का रखरखाव, स्कूलों का निर्माण, देहात के विकास  के जरूरी फंड में भी सरकार कटौती कर सौतेला व्यवहार कर रही है। दिल्ली में पेट्रोल, डीजल की बिक्री पर उपकर से पिछले पांच वर्षों में एकत्रित 300 करोड़ रुपये की राशि राज्य सरकार के पास जमा है लेकिन सरकार अडियल रवैया अपनाए हुए है। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों के विकास के लिए भी पिछले तीन वर्षों से राशि नहीं दी गई है।

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