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नेटवेस्ट का परिणाम दोहराने को बेताव होंगे कंगारू

नेटवेस्ट का परिणाम दोहराने को बेताव होंगे कंगारू

नेटवेस्ट सीरीज में मिली धमाकेदार जीत से प्रेरणा लेकर गत चैंपियन आस्ट्रेलिया चैंपियंस ट्राफी क्रिकेट टूर्नामेंट के पहले सेमीफाइनल में शुक्रवार को परंपरागत प्रतिद्वंद्वी इंग्लैंड को हराकर फाइनल में जगह बनाने के इरादे से उतरेगा।
 
आस्ट्रेलिया ने हाल में खेली गई नेटवेस्ट सीरीज में इंग्लैंड को उसी की जमीन पर 6-1 से शिकस्त दी थी और इस लिहाज से इस मैच में भी उसका पलड़ा भारी माना जा सकता है, लेकिन इस सीरीज के बाद जहां आस्ट्रेलिया के प्रदर्शन में लगातार गिरावट आई है वहीं, इंग्लैंड ने खिताब के प्रबल दावेदार माने जा रहे दक्षिण अफ्रीका और श्रीलंका को हराकर नेस्टवेस्ट सीरीज की हताशा को पीछे छोड़ दिया है।

चैंपियंस ट्राफी में आस्ट्रेलिया के बल्लेबाज अब तक संतोषजनक प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। भारत के खिलाफ मैच को छोड़ दिया जाए तो आस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों ने वेस्टइंडीज और पाकिस्तान के खिलाफ मैचों में अपने प्रदर्शन से निराश ही किया है। प्रतियोगिता के शीर्ष पांच गेंदबाजों और बल्लेबाजों में विश्व चैंपियन आस्ट्रेलिया का कोई खिलाड़ी शामिल नहीं है।

ओपनर शेन वाटसन भले ही बल्ले से कोई चमक बिखेरने में नाकाम रहे हों लेकिन गेंद के साथ वह अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। दूसरे ओपनर टिम पेन, कप्तान रिकी पोंटिंग और माइक हसी अच्छी फार्म में हैं। हसी ने भारत और पाकिस्तान के खिलाफ मैच में शानदार बल्लेबाजी करते हुए अर्धशतक जमाए, लेकिन मध्यक्रम में उपकप्तान माइकल क्लार्क की कमी आस्ट्रेलिया को स्पष्ट रूप से खल रही है। कैमरून व्हाइट और कैलम फर्ग्युसन जैसे नवोदित खिलाड़ी उनकी भरपाई नहीं कर पा रहे हैं। इंग्लैंड के खिलाफ पोंटिंग को अपने इन युवा बल्लेबाजों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।

जहां तक आस्ट्रेलिया की गेंदबाजी का सवाल है तो स्थानीय सुपर स्पोर्ट्स पार्क की तेज गेंदबाजों की मददगार पिच पर ब्रेट ली, पीटर सिडल और मिशेल जानसन की तिकड़ी विपक्षी खेमे में हलचल पैदा कर सकती है। पाकिस्तान के खिलाफ ली ने जिस तरह से घातक गेंदबाजी का प्रदर्शन किया उसने इंग्लिश कप्तान एंड्रयू स्ट्रास की चिंता जरूर बढ़ा दी होगी। हालांकि स्पिन विभाग में नाथन हारित्ज टूर्नामेंट में अब तक अपनी छवि के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं।

दूसरी तरफ, इंग्लिश बल्लेबाजों का प्रदर्शन चैंपियंस ट्राफी में कंगारूओं की तुलना में बेहतर रहा है। ओवैस शाह, पाल कोलिंगवुड और इयान मोर्गन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी टीम को सेमीफाइनल में पहुंचाया है। टीम नेटवेस्ट सीरीज की शर्मनाक पराजय को पीछे छोड़ चुकी है। इस मैच में उसका लक्ष्य आस्ट्रेलिया को हराकर चैंपियंस ट्राफी के फाइनल में जगह बनाने के साथ ही नेटवेस्ट सीरीज में मिली हार का बदला चुकता करना भी होगा।

टीम के लिए राहत की एक और बात यह रही कि आउट ऑफ फार्म चल रहे रवि बोपारा ने अंतिम लीग मुकाबले में कीवियों के खिलाफ अच्छे हाथ दिखाए। कोलिंगवुड ने तीन मैचों में दो अर्धशतकों सहित 168 रन बनाए हैं जबकि मोर्गन ने भी दो अर्धशतक जमाए हैं। हालांकि कप्तान स्ट्रास और जो डेनली की सलामी जोड़ी अब तक खेले गए तीनों मैचों में टीम को मजबूत शुरुआत देने में असफल रही है। सेमीफाइनल में टीम को इस जोडी से अच्छी शुरुआत की उम्मीद होगी।

गेंदबाजी में तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन और स्टुअर्ट ब्राड ने चैंपियंस ट्राफी में क्रमशः सात और दस विकेट लिए हैं। ग्रीम स्वान भी स्पिन के मोर्चे पर अपनी भूमिका अच्छी तरह निभा रहे हैं। दक्षिण अफ्रीका और श्रीलंका जैसी टीमों को पटखनी देने के बाद इंग्लैंड का मनोबल सातवें आसमान पर है और आस्ट्रेलियाई कप्तान पोंटिंग इस टीम को हल्के में आंकने की गलती नहीं कर सकते हैं।

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