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कम गुरुत्व में पेशियों के क्षय के कारण की खोज

अंतरिक्ष में मानव के कदम को मानवता के इतिहास में एक विशाल कदम बताया जाता है, लेकिन अंतरिक्षयात्रियों को इसकी कीमत पेशियों के क्षय और अस्थि घनत्व में कमी के रूप में चुकानी पड़ती है। अब वैज्ञानिकों ने उस मूल कारण को खोज लिया है जिससे कम गुरुत्व में लंबे अंतरिक्ष अभियानों में अंतरिक्ष यात्रियों को पेशीय क्षय और अस्थियों के घनत्व में कमी का सामना करना पड़ता है। गौरतलब है कि अस्थि घनत्व कम होने से हडि्डयां कमजोर हो जाती हैं।

कम गुरुत्व में होने वाले इस पेशीय क्षय का कारण पता लगाने के लिए न्यू साउथ वेल्स विश्वविद्यालय के एक दल ने भारहीनता की कत्रिम परिस्थितियों में स्टेम (मूल) कोशिकाओं को विकसित पाया। वैज्ञानिकों ने सूक्ष्म गुरुत्व (माइक्रो ग्रेविटी) उत्पन्न करने के लिए नासा के यंत्र का उपयोग किया और मनुष्य के भ्रूण की स्टेम कोशिकाओं पर पड़ने वाले प्रभाव का विश्लेषण किया।

सूक्ष्म गुरुत्व में विकसित कोशिकाओं में वैसे 75 फीसदी प्रोटीन उत्पन्न हुए जो सामान्य रूप से विकसित मूल कोशिकाओं में नहीं थे। सूक्ष्म गुरुत्व स्टेम कोशिकाओं में वैसे प्रोटीन अधिक उत्पन्न हुए जो अस्थि घनत्व पर नकारात्मक प्रभाव डालने वाले थे। इस विशेष परिस्थिति में कोशिकाओं ने बहुत कम वैसे प्रोटीन उत्पन्न किए जिनके एंटी आक्सिडेंट प्रभाव होते हैं। एंटी आक्सिडेंट प्रभाव वाले प्रोटीन हमारे शरीर की रक्षा क्रियाशील आक्सिडेंट से करते हैं। ये आक्सिडेंट डीएनए को भी क्षतिग्रस्त कर सकते हैं।

मुख्य अनुसंधानकर्ता डा बेंड्रन बर्न्स ने कहा कि इस निष्कर्ष से अंतरिक्ष यात्रियों में होने वाले अस्थि घनत्व की कमी और पेशीय क्षय का कारण बताना संभव होगा। उन्होंने कहा कि प्रतिरक्षा तंत्र जैसे कई तंत्रों पर सूक्ष्म गुएत्व के प्रभाव के संबंध में काफी कुछ अनुसंधान हो चुका है। अभी तक किसी ने भी कोशिकीय स्तर पर प्रभाव की ओर ध्यान नहीं दिया और हम समझते हैं कि बहुत बड़ी रिक्तता है। बर्न्स ने कहा कि हमने कई प्रकार के प्रोटीन की खोज की है जो संभवत: विविध प्रकार के गुरुत्व की स्थिति में अंतरिक्ष यात्री के स्वास्थ्य पर कम या अधिक प्रभाव डालते हैं।

अमेरिकी अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन नासा ने 2024 तक चांद के किसी एक ध्रुव पर सौर चलित एक चौकी बनाने की योजना की ओर संकेत दिए हैं। इस चौकी के बन जाने से चांद पर मानव की निरंतर उपस्थिति सुनिश्चित होगी, और यह मंगल पर भविष्य या उससे आगे के अभियानों के लिए आधार का काम करेगा। लेकिन सूक्ष्म गुरुत्व में लंबे समय तक अंतरिक्ष यात्रियों की उपस्थिति उनके लिए स्वास्थ्य पर जोखिम को बढ़ा देती है।

सिडनी में आयोजित नौंवें आस्ट्रेलियाई अंतरिक्ष विज्ञान सम्मेलन में वैज्ञानिकों ने कोशिकाओं पर सूक्ष्म गुरुत्व के प्रभावों से संबंधित अपने निष्कर्ष का खुलासा किया। पृथ्वी पर जो सामान्य गुरुत्व होता है वह मनुष्य पर कई प्रकार के प्रभाव डालता है। यह सामान्य गुरुत्व शारीरिक बदलाव जैसे अस्थि घनत्व, पेशीय क्षय और रक्त की मात्र में कमी आदि पर प्रभाव डालता है। लेकिन अंतरिक्ष यात्री लंबी अंतरिक्ष यात्रा के बाद जैसे ही मंगल की सतह पर पहुंचेंगे उन्हें भारहीनता महसूस होगी या चक्कर आने की शिकायत होगी।

लंबे समय से यह ज्ञात है कि सूक्ष्म गुरुत्व अस्थि घनत्व को प्रभावित करता है, लेकिन किसी ने भी जीन या प्रोटीनों को ध्यान में रखकर अनुसंधान नहीं किया था। मानव शरीर पर सूक्ष्म गुरुत्व के प्रभाव को लेकर अध्ययन अंतरिक्ष यात्रियों के स्वास्थ्य और उनकी सुरक्षा उपायों में सुधार को एक नया आयाम दे सकता है।

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  • Web Title:कम गुरुत्व में पेशियों के क्षय के कारण की खोज