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बिंदास सुष्मिता भी नकारात्मक टिप्पणी पर हो जाती हैं बेचैन

बिंदास सुष्मिता भी नकारात्मक टिप्पणी पर हो जाती हैं बेचैन

आम तौर पर आलोचना से परेशान न होने वाली बॉलीवुड स्टार सुष्मिता सेन का कहना है कि पिछले वर्ष उनका वजन बढ़ने पर लोगों ने उनके खिलाफ जो नकारात्मक टिप्पणियां कीं, उनसे वह बेचैन हो गई थीं क्योंकि उनके व्यक्तित्व के बारे में कोई कुछ गलत कहे तो उन्हें बुरा लगता है।

पिछले वर्ष सुष्मिता का वजन काफी बढ़ गया था, लेकिन अब वह एक बार फिर अपने पुराने खूबसूरत रूप में लौट आई हैं। गोविंदा के साथ फिल्म 'डू नॉट डिस्टर्ब' में गृहिणी की भूमिका निभाने वाली सुष्मिता ने बेबो गीत पर अपने हुस्न का जमकर मुजहिरा किया। फिल्म के पूर्वार्ध में सुष्मिता को कुछ अधिक वजन की महिला के तौर पर पेश किया गया है।

फिल्म की जरूरत को देखते हुए पिछले वर्ष सुष्मिता ने अपना वजन कुछ बढ़ाया तो जैसे उनके चाहने वालों में भूचाल आ गया। लोगों ने उनके बारे में कई नकारात्मक लेख लिख डाले। सुष्मिता का कहना है कि वह इस तरह के लेखों से दुखी नहीं हुईं।

सुष्मिता ने कहा कि इससे मुझे दुख नहीं हुआ क्योंकि दुख एक बेहद निजी भावना है और मैं अपने बारे में लिखी गई किसी भी बात को निजी तौर पर नहीं लेती, लेकिन इससे मैं बेचैन जरूर होती हूं और समाज तथा मीडिया के छिछलेपन पर सोचने पर मजबूर हो जाती हूं।

सुष्मिता ने कहा कि यह मेरे खिलाफ भी नहीं है। वह लोग युवाओं को यह संकेत दे रहे हैं कि अगर आपको खूबसूरत दिखना है तो उसके लिए दुबला पतला होना जरूरी है। मैं इस बात से सहमत नही हूं। मैं साइज 4 हूं, लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि मैं पहले से ज्यादा खूबसूरत हूं।

33 वर्षीय पूर्व मिस यूनीवर्स ने कहा कि बालीवुड स्टार्स के वजन के बारे में नकारात्मक खबरों से युवतियों में यह गलत धारणा बनती है कि सुंदर दिखने के लिए दुबला होना जरूरी है। सुष्मिता ने कहा कि वह वजन बढ़ाने का कारण भी सार्वजनिक तौर पर नहीं बता सकती थी क्योंकि फिल्म के निर्माता ने उन्हें ऐसा करने से मना किया था।

उन्होंने कहा कि फिल्म के पूर्वाद्ध में मुझे कुछ मोटी दिखना है और वासु भगनानी और डेविड धवन यह नहीं चाहते थे कि फिल्म के प्रचार से पहले मैं अपनी भूमिका के बारे में किसी को कुछ भी बताउं और मैंने उनके फैसले का मान रखा। यह मार्केटिंग की नीति है।

सुष्मिता सेन 'राम गोपाल वर्मा की आग' की निराशा के बाद बड़े पर्दे पर लौट रही हैं और उन्हें उम्मीद है कि आने वाली फिल्म में उनके अभिनय को पसंद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मेरी कुछ फिल्मों के निर्माण में देरी हुई और कुछ का निर्माण बीच में रुक भी गया, लेकिन अब मैं 'डू नॉट डिस्टर्ब' और दूल्हा मिल गया के जरिए अपने प्रशंसकों को हंसाने के लिए तैयार हूं।

'डू नाट डिस्टर्ब' के जरिए गोविंदा और डेविड धवन की जोड़ी एक बार फिर दर्शकों के सामने आ रही है। फिल्म में लारा दत्ता, रीतेश देशमुख और सोहेल खान ने भी अभिनय किया है।

सुष्मिता ने फिल्मी दुनिया में कई तरह की भूमिकाएं निभाई हैं। 'फिलहाल' में उन्होंने अपनी कोख में दूसरे का बच्चा पालने वाली मां (सेरोगेट मदर) की भूमिका निभाई तो 'समय' में वह एकल मां की भूमिका में दिखाई दीं, जबकि कल्पना लाजमी की 'चिंगारी' में वह वेश्या की भूमिका में नजर आईं। वैसे सुष्मिता का कहना है कि उनकी सर्वश्रेष्ठ भूमिका का उन्हें अभी तक इंतजार है।

सुष्मिता कहती हैं कि एक एक्टर का सबसे बड़ा गुण यह है कि उसे लालची होना चाहिए। अगर आप लालची नहीं हैं तो आप यहां तरक्की नहीं कर सकते। मैं और बहुत सी भूमिकाएं करना चाहती हूं। 'प्रेम दीवानी' बनना चाहती हूं और नाटकीय किरदार निभाना चाहती हूं, मैं रॉक बैंड पर एक फिल्म करना चाहती हूं और खलनायिका की दमदार भूमिका निभाना चाहती हूं।

सुष्मिता ने अभिनय का अपना सफर 1996 में दस्तक फिल्म से शुरू किया था। इससे दो वर्ष पहले उन्होंने मिस यूनीवर्स का खिताब जीता था। उसके बाद उन्होंने बीवी नं 1, फिलहाल, समय, वन टाइम स्ट्राइक्स, चिंगारी, जिंदगी राक्स, मैं हूं ना, और मैंने प्यार क्यों किया सहित कई फिल्मों में अपने अभिनय और रूप के रंग बिखेरे।

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