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खून बेचने का मामला, स्वास्थ्य विभाग का केस

कभी-कभी पुलिस चाहकर भी आरोपित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने में असमर्थ हो जाती है। ऐसा ही हुआ मंडुआडीह पुलिस के साथ। नशे के लिए खून बेचने वाले तीन आरोपितों को स्वास्थ्य विभाग की हीलाहवाली के चलते छोड़ना पड़ा। पुलिस को अब खून एवं पैथालॉजी सेंटर की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। उधर, फर्जी दरोगा बनकर वसूली करने में पकड़े गए संतोष यादव एवं राजेश यादव को पुंिलस ने धारा 386 के तहत जेल भेज दिया।
ज्ञात है कि मंडुआडीह पुलिस ने मंगलवार को हसनपुर में एक पैथालॉजी सेंटर पर खून बेचते बजरडीहा के मकबूल अहमद एवं कमालुद्दीन एवं कोल्हुआ के अंसार को पकड़ा था। तीनों ने कबूला था कि वह नशे के लिए खून बेचते हैं। पुलिस ने सीएमओ को इसकी जानकारी दी।

बुधवार को स्वास्थ्य विभाग के ड्रग इंस्पेक्टर एजाज अहमद थाने पहुंचे। इंस्पेक्टर धर्मवीर सिंह के मुताबिक ड्रग इंस्पेक्टर ने पैथालॉजी सेंटर एवं पकड़े गए तीनों आरोपितों के विरुद्ध केस दर्ज कराने से इनकार कर दिया। कहा कि पैथालॉजी सेंटर से ब्लड जब्त कर जांच के लिए भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।

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