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इंजन सहित दस बोगियाँ घंटों धू-धूकर जलती रहीं

हिंसा पर उतारू भीड़ ने बुधवार को महानंदा एक्सप्रेस के इंजन समेत दस बोगियों को आग के हवाले कर दिया। बोगियाँ घंटों धू-धूकर जलती रहीं। हाथरस जंक्शन के कुछ हिस्से में भी आगजनी की गई। प्रदर्शनकारी से हुई भिड़ंत में पुलिस ने भी पथराव और हवाई फायरिंग की। राज्य के गृह सचिव आनंद कुमार और आईजी कानून व्यवस्था एके माहेश्वरी ने बताया कि इस मामले में यात्राियों या प्रदर्शनकारियों के घायल होने की कोई सूचना शासन को नहीं मिली है। अलबत्ता तीस पुलिसकर्मी पथराव में जरूर घायल हुए हैं जिनमें कुछ अधिकारी भी शामिल हैं। राज्य सरकार इस मामले में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ गैंगस्टर और रासुका के तहत कार्रवाई की तैयारी कर रही है। देर शाम तक इस मामले में 25 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी थी और रेलवे ट्रैक पर दोनों तरफ का आवागमन शुरू हो चुका था।


हाथरस रोड स्टेशन की बहाली की माँग के लिए ‘रेल रोको आंदोलन’ बुधवार को पहले से प्रस्तावित थी। इसके चलते प्रशासन ने कासगंज व बरेली से अतिरिक्त पुलिस बल बुलवा लिया था। सुबह छह बजे सैकड़ों लोग हाथरस रोड स्टेशन के पास जमा हो गए। प्रदर्शनकारी स्टेशन की ओर बढ़े तो एसडीएम सदर आरके सिंह व सीओ अशोक कुमार से उनकी झड़प हो गई। बातचीत के बाद सांकेतिक प्रदर्शन पर सहमति हुई। आंदोलनकारी कासगंज-मथुरा-1 ट्रेन के आगे लेट गए। इस बीच कुछ लोगों ने पुलिस पर पत्थर फेंक दिए। इस पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया और महर्षि परशुराम वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेंद्रपाल सिंह दीक्षित को गिरफ्तार कर लिया।


गिरफ्तारी से लोग भड़क गए और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया जिसमें डीएम पीआर मिश्र व एसपी एसआरएस आदित्य समेत दजर्नभर पुलिसकर्मी घायल हो गए। डीएम के सिर व एसपी के पैर में चोट आई। कुछ ही देर में सैकड़ों आंदोलनकारी एक बार फिर एकत्र होकर रेलवे ट्रैक पर आ गए और महानंदा एक्सप्रेस को रोक लिया। यात्राियों को उतारकर आगे व पीछे की एक-एक बोगी में आग लगा दी। दो बोगियों में लगाई गई आग एक-एक करके नौ बोगियों तक पहुँच गई। इंजन को भी आग के हवाले कर दिया। हालाँकि इसमें किसी जनहानि की कोई खबर नहीं है। बेकाबू भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हवाई फायरिंग की। कमिश्नर पीवी जगनमोहन, एडीजी कानून अरविंद कुमार व आईजी विजय प्रताप भी मौके पर पहुँच गए। एडीजी कानून व्यवस्था पश्चिम एके जैन दोपहर में ही हाथरस पहुँच गए थे। शाम चार बजे के आसपास हालात पर काबू पाया जा सका।

क्या है मामला
हाथरस जनपद के पाँच स्टेशनों में से एक पूवरेत्तर रेलवे के हाथरस रोड स्टेशन को छोटी लाइन को ब्रॉडगेज करने के बाद रेलवे ने स्टेशन खत्म कर हॉल्ट बना दिया है। इसकी जगह यहाँ से करीब दो किलोमीटर दूर मेंडू हॉल्ट को स्टेशन बना दिया गया है। सुनसान इलाके में बने मेंडू स्टेशन से न तो यात्राियों को देर रात कोई साधन मिलता है और न ही उनकी सुरक्षा का कोई इंतजाम है। उधर हाथरस रोड स्टेशन को हॉल्ट बनाए जाने से यहाँ कोई प्रमुख ट्रेन नहीं रुकती। कम समय की आपाधापी में ट्रेन से उतरने और उसे पकड़ने के चक्कर में तीन लोग अपनी जान गँवा चुके हैं

कई दिन से कर रहे थे आंदोलन
पिछले कई दिनों से स्थानीय लोग भ्रष्टाचार अन्वेषण और उन्मूलन परिषद, महर्षि परशुराम वाहिनी, उद्योग व्यापार मंडल, भारतीय समाज कल्याण पार्टी और भाजपा महिला मोर्चा जैसे कई राजनीतिक और सामाजिक दलों के बैनर तले हाथरस रोड हॉल्ट परिसर में धरना देकर स्टेशन बहाली और एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की माँग कर रहे हैं। मंगलवार को इस संबंध में एक मोटर साइकिल जुलूस निकालकर आंदोलन को सफल बनाने के लिए संगठनों के कार्यकर्ताओं ने कई गाँवों का दौरा कर समर्थन भी जुटाया था। बुधवार को रेल रोको आंदोलन की पूर्व घोषणा के मद्देनजर आरपीएफ ने सतर्कता बरतते हुए कासगंज और बरेली से अतिरिक्त पुलिस बल को बुला लिया था।

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