अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

श्रीलंका सेना व लिट्टे के संघर्ष में फंसे तमिलों की स्थिति चिंताजनक

श्रीलंका में सेना और लिट्टे के बीच संघर्ष वाले क्षेत्रों में फंसे तमिलों की स्थिति बहुत चिंताजनक है और भारत सरकार यह कोशिश कर रही है कि उन्हें पर्याप्त मात्रा में खाद्यान्न तथा चिकित्सा सहायता मिले। सरकारी सूत्रों ने बुधवार को यहां संघर्ष वाले क्षेत्रों में फंसे तमिलों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वहां बड़ी संख्या में तमिल नागरिक घायल हो रहे हैं और श्रीलंकाई सेना तथा लिट्टे इसके लिए एक दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उन्होंने कहा कि फंसे हुए लोगों की संख्या का आकलन करना कठिन है लेकिन यह संख्या एक से डेढ़ लाख तक की हो सकती है। उन्होंने कहा कि संघर्ष के चलते इन क्षेत्रों में इन लोगों के लिए पर्याप्त मात्रा में खाद्यान्न नहीं पहुंच रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले माह करीब डेढ़ सौ टन ही खाद्यान्न पहुंचा जो सामान्य स्थिति में हर माह जाने वाले खाद्यान्न की तुलना में करीब आठवां हिस्से के बराबर है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने श्रीलंका सरकार से कहा है कि वहां खाद्यान्न आपूर्ति बढ़ाई जाए। भारत सरकार इसमें उनकी पूरी सहायता करने को तैयार है। सूत्रों ने कहा कि फंसे हुए तमिलों के लिए श्रीलंका, पुलमौडै में भारत सरकार द्वारा शुरु किए गए अस्पताल ने काम करना शुरु कर दिया है। वहां इलाज के लिए आ रहे घायलों की संख्या को देखते हुए उसकी क्षमता बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 142 घायलों का जो पहला समूह अस्पताल में इलाज के लिए लाया गया उनमें से 106 सर्जरी वाले मामले थे। सूत्रों ने बताया कि श्रीलंका के इन तमिलों के लिए तमिलनाडु में राय सरकार तथा अन्य दलों और संगठनों की आेर से जो सहायता सामग्री एकत्र की जा रही है केंद्र सरकार उसे संयुक्त राष्ट्र की संस्थाआें तथा अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों के माध्यम से वहां भेजने की कोशिश करेगी।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: श्रीलंका:संघर्ष में फंसे तमिलों पर भारत चिंतित