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वित रहित शिक्षकों का आंदोलन स्थगित

राज्य के वित्त रहित स्कूल-कॉलेजों के शिक्षाकर्मियों को राज्यपाल सैयद सिब्ते राी ने भरोसा दिलाया है कि वे उन पर विश्वास रखें। उन्होंने एक-एक समस्याएं सुनने के बाद कहा कि मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक कार्रवाई होगी, आप आंदोलन समाप्त करं। राज्यपाल के आश्वासन के बाद वित्त रहित शिक्षाकर्मियों के संयुक्त मंच झारखंड राज्य शिक्षक संघर्ष मोरचा की बैठक राजभवन के बाहर हुई। इसमें आंदोलन को स्थगित करने का निर्णय लिया गया। इससे पहले पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत अनुदान राशि बढ़ाने की मांग को लेकर शिक्षाकर्मियों ने राजभवन के समक्ष महाधरना दिया। इसमें पूर राज्य से हाारों शिक्षाकर्मी शामिल हुए। धरना-प्रदर्शन शाम चार बजे तक चला।ड्ढr आमंत्रण मिलने पर सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मिला। इसमें रघुनाथ सिंह, सुरंद्र झा, विनोद कुमार, अशोक मिश्र, रतन पांडेय, अरविंद कुमार और डॉ देवनाथ सिंह शामिल थे। महाधरना में अनिल कुमार, आरएम खान, जलेश्वर पाठक, एमएम रहमान और केदार पांडेय शामिल थे। वित्त रहित शिक्षाकर्मियों और कॉलेजकर्मियों के धरना-प्रदर्शन के कारण राजभवन के मुख्य द्वार के समक्ष पूर दिन भारी भीड़ रही। इसके कारण यातायात भी कई बार बाधित हुअ सुबोधकांत भी पहुंचे धरनास्थल परड्ढr केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय कांग्रेस के वरीय प्रवक्ता डॉ शैलेश सिन्हा के साथ धरनास्थल पहुंचे। उन्होंने वित्त रहित शिक्षाकर्मी और कॉलेजकर्मियों के धरना में शामिल होकर उनकी मांगों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि वे उन्हें न्याय दिलायेंगे। पिछली सरकार निकम्मी थी। उसने कर्मचारी हित में कोई काम नहीं किया। इसके बाद उन्होंने राजभवन के अधिकारियों से बात कर शिक्षक और कर्मचारियों के राज्यपाल से मिलने का समय निर्धारित कराया।

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