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देश में आज 1974 जैसे हालात

मार्च 1आंदोलन की स्मृति में बुधवार को शहर में जेपी आंदोलनकारियों का जमावड़ा लगा। आंदोलनकारियों ने वर्तमान व्यवस्था पर भी प्रहार किया। जेपी के समर्थकों का कहना है कि देश में 1जैसी ही परिस्थितियां आज भी मौजूद हैं। लोग महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, गरीबी, असुरक्षा, शोषण व उत्पीड़न के शिकार हैं। व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन किए बिना जेपी आंदोलन के लक्ष्य को प्राप्त नहीं किया जा सकता है। समारोह का आयोजन श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में 1जेपी आंदोलनकारी संपूर्ण क्रांति मंच की ओर से किया था।ड्ढr ड्ढr सवरेदय नेता भवेशचंद्र प्रसाद ने कहा कि अगर भ्रष्टाचार को दूर नहीं किया गया तो इसके दूरगामी परिणाम होंगे। जनता संगठित होकर भ्रष्टाचार से मुकाबला करगी। समाजवादी नेता सुरंद्र मोहन ने कहा कि लोकशक्ित को संगठित कर अगर राजशक्ित को नियंत्रित नहीं रखा गया तो समाज विघटनकारी शक्ितयों के हाथ में चला जाएगा। गांधीवादी चिंतक रामजी सिंह ने कहा कि 1आंदोलन के गर्भ से निकले नेता आज जेपी के आदर्शो को भूल गए हैं। देश में आज भी जेपी आंदोलन की जरूरत है, जो राजसत्ता के खिलाफ लड़ सके। देश में गरीबी और भ्रष्टाचार मुंह बाए खड़ी है। जाति व संप्रदाय के आधार पर देश को बांटा जा रहा है।ड्ढr ड्ढr चुनाव में स्वच्छ छवि के लोगों को उम्मीदवार नहीं बनाया जा रहा है। समारोह में पूर्व सांसद वीरंद्र प्रसाद सिंह, पूर्व विधायक मो. अयूब खां, रमाकांत ठाकुर, रामदेव यादव, रमाकांत पाण्डेय, डा. विजया सिन्हा, महावीर सिंह, अभय सिन्हा, अजरुन कुमार, कालिन्दी राय, सुशीला कपूर, कंचनबाला, निरंजन अखौरी, बिन्देश्वर पासवान, रामशरण, जयप्रकाश महंथ, हरिनारायण सिंह, काशीनाथ सिंह, अशोक वर्मा, नागेश्वर सिंह, हरिद्वार तिवारी, रामप्रवेश सिंह, छोटन सिंह, सुमन, अतुल, बालमुकुंद शर्मा, सूर्यदेव यादव, कुमार अनुपम ने भी विचार व्यक्त किए। उधर, कदमकुआं कांग्रस मैदान में भी जेपी आंदोलनकारियों ने सभा का आयोजन किया।ड्ढr ड्ढr इसकी अध्यक्षता ब्रह्मदेव पटेल ने की। परमेश्वर कुमार, जयराम सिंह, नीलमा सिन्हा, रामप्यारे लाल, रवीद्र गिरियागे, विष्णुदेव मोची, वीरद्र प्रसाद, उमराव ने विचार व्यक्त किए। संपूर्ण क्रांति दिवस पर कुर्जी स्थित नजज्योति केद्र में बिहार लोक अधिकार मंच की ओर से आयोजित संगोष्ठी में विनोद रंजन, कृष्ण कुमार, दिनेश कुमार, कृष्णा राम, ब्रह्मदेव मांझी , टुनटुन पासवान, राजीव कुमार, राहुल कुमार, ललन ने विचार व्यक्त किए।ं

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