अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

धौनी को नहीं मिला पिस्टल का लाइसेंस

क्रिकेट की दुनिया के सिरमौर महेंद्र सिंह धौनी एक अदद पिस्टल के लाइसेंस के मोहताज हैं। नौ माह बीत गये, लेकिन लाइसेंस देने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। उनका आवेदन अब भी एसएसपी ऑफिस में धूल खा रहा है। टीम इंडिया के कैप्टन धौनी ने .एमएम पिस्टल के लिए नौ अगस्त 2008 को आवेदन दिया था। तब से उनका आवेदन पुलिस-प्रशासन के एक से दूसरी टेबल का चक्कर काट रहा है।ड्ढr अनुशंसा के साथ कुछ दिनों के लिए आवेदन को दिल्ली भेजा गया, वहां से पुन: जांच के लिए लौटाये जाने के बाद यह फिर मकड़ााल में उलझ गया। पुलिस और प्रशासन ने धौनी का चरित्र जांच कर इसे तत्कालीन प्रमंडलीय आयुक्त के पास भेज दिया।ड्ढr आयुक्त ने आवेदन को यह कहते हुए लौटा दिया कि सीआइडी, विशेष शाखा और निगरानी की रिपोर्ट संलग्न नहीं है। बाद में डीसी के विशेष आग्रह पर आवेदन को निष्पादित करते हुए राज्य के गृह मंत्रालय को भेजा गया। वहां से इसे केंद्रीय गृह मंत्रालय भेजा गया। लगभग ढाई माह पूर्व आवेदन को पुन: जांच के लिए राज्य सरकार के पास भेज दिया गया। इसी बीच तमाड़ उप चुनाव की घोषणा हो गयी और आचार संहिता लागू कर दिया गया। चुनाव के बाद भी फाइल का निपटारा नहीं हुआ और आम चुनाव के कारण फिर आचार संहिता लागू हो गयी। धौनी के पिस्टल की फाइल डीसी से होते हुए एसएसपी दफ्तर पहुंची, जहां से अब तक डीसी तक नहीं पहुंची है। कुल मिलाकर कहा जाये, तो नौ माह गुजर जाने के बाद भी धौनी को पिस्टल का लाइसेंस नहीं मिल पाया है।ड्ढr

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: धौनी को नहीं मिला पिस्टल का लाइसेंस