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मेघालय में राष्ट्रपति शासन को चुनौती देगी राकांपा

ेंद्रीय मंत्रिमंडल की सिफारिश पर संविधान के अनुच्छेद 356 के तहत राष्ट्रपति प्रतिभा देवीसिंह पाटिल ने मेघालय में राष्ट्रपति शासन को मंजूरी प्रदान कर दी है। बुधवार को कैबिनेट के बाद गृह मंत्रालय ने राष्ट्रपति को यह सिफारिश भेजी थी जिसे बृहस्पतिवार को मंजूरी दे दी गई। गृह मंत्रालय ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। उधर, शिलांग से प्राप्त खबर के अनुसार बर्खास्त एमपीए सरकार के मुख्यमंत्री रहे दोनकुनर राय और राकांपा नेता पीए संगमा ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने के फैसले को शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय में चुनौती देने का ऐलान किया है। इसके साथ ही राज्य में राष्ट्पति शासन प्रभावी हो गया है। विधानसभा को भंग नहीं किया गया है बल्कि अभी निलंबित रखा गया है। गौरतलब है कि राज्यपाल आर. एस. मूशाहरी ने गत 17 मार्च को केन्द्र को भेजी अपनी रिपोर्ट में राज्य में संवैधानिक तंत्र विफल होने के आधार पर राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश की थी। इस रिपोर्ट के आधार पर केन्द्र सरकार ने राष्ट्रपति से राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की अनुशंसा की थी। हालांकि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के समर्थन वाली मेघालय प्रगतिशील गठबंधन (एमपीए) सरकार विधानसभा अध्यक्ष के निर्णायक मत से विश्वास मत जीतने में सफल रही थी। इसके बावजूद राज्यपाल ने राष्ट्रपति शासन की सिफारिश की। इस पर सवाल खड़े हुए हैं। इस बीच राज्य के चार विधायकों ने गुवाहाटी उच्च न्यायालय की शिलांग पीठ में राष्ट्रपति शासन के आदेश पर स्थगन आदेश जारी करने के लिए याचिका दायर की है।

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  • Web Title: राष्ट्रपति शासन को चुनौती देगी राकांपा