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बेहमई और भंवरपुरा की याद दिला दी बिछियन ने

बीहड़ों से डकैत गिरोहों के खात्मे की चाहे जितनी बात की जाए मगर क्रूरता अब भी बागियों में बरकरार है और इसकी गवाही सतना के बिछियन गांव में हुए सामूहिक नरसंहार ने दे दी है। इस घटना ने फूलन देवी के बेहमई हत्याकांड और गडरिया गिरोह के भंवरपुरा सामूहिक नरसंहार की याद दिला दी है। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में सक्रिय रहे एक दर्जन से अधिक बड़े डकैत गिरोहों का खात्मा किया जा चुका है तथा सरकारों से लेकर पुलिस तक यह मान चुकी है कि बीहड़ अब बागियों से खाली हो चुके हैं। इसके विपरीत बीहड़ में बागियों की गतिविधियां जारी हैं और इस बात का खुलासा सुन्दर पटेल गिरोह ने सतना के बिछियन गांव में 12 लोगों को जिंदा जलाकर कर भी दिया है। चंबल के बीहड़ों में सक्रिय रही डकैत फूलन देवी ने बेहमई गांव में ठाकुर जाति के 1लोगों को एक साथ मौत के घाट उतारकर खलबली मचा दी थी। उसके बाद ग्वालियर के भंवरपुरा गांव में गडरिया गिरोह ने 13 लोगों को गोलियों से भून डाला था। इन दो घटनाआें के बाद बिछियन गांव में सुन्दर पटेल द्वारा किया गया नरसंहार वषोर्ं पहले हुए हत्याकांडों की याद ताजा कर देने वाला है। यह उन दो घटनाआें से कई मामलों में वीभत्स है। ऐसा इसलिए क्योंकि तब लोगों को गोलियों से भूना गया था इस बार जिन्दा जलाया गया है और जिन्दा जलने वालों में बच्चे भी शामिल हैं, जिनकी चीख से भी डकैतों का दिल नहीं पसीजा। इससे डकैतों की क्रूरता का पता चलता है।

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  • Web Title: बेहमई और भंवरपुरा की याद दिला दी बिछियन ने