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1 जून, 2020|6:08|IST

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अब वर्ल्ड चैम्पियनशिप पर हैं सुशील की निगाहें

अब वर्ल्ड चैम्पियनशिप पर हैं सुशील की निगाहें

विश्व मुक्केबाजी में विजेंदर सिंह को भले ही कांस्य पदक से ही संतोष करना पड़ा हो लेकिन उसके साथ ही बीजिंग ओलम्पिक में कांसा जीतने वाले पहलवान सुशील कुमार की नजरें अब डेनमार्क में होने जा रही विश्व कुश्ती चैम्पियनशिप में पीले तमगे पर गड़ी हैं।

विश्व चैम्पियनशिप की तैयारियों में जुटे ओलम्पियन सुशील कुमार ने बताया कि मैं विश्व चैम्पियनशिप के लिए एक विशेष रणनीति पर काम कर रहा हूं। शिविर में जार्जिया के कोच मुझे कांउटर अटैक की ट्रैनिंग दे रहे है। मेरे कोच ने मैरी शैली में काउंटर अटैक की कमी पाई थी और विश्व प्रतियोगिता के लिए मैं अपनी इसी कमी को पूरा करने का जबरदस्त अभ्यास कर रहा हूं।

ओलम्पिक खेलों में 56 साल के बाद भारत को सुशील ने पदक दिलाया था। उनसे पहले 1952 हेलसिंकी ओलंपिक में केडी जाधव ने कुश्ती में कांस्य पदक जीता था। इसी तरह पिछले पचास सालों में विश्व चैम्पियनशिप में भी भारत को कोई पदक हाथ नहीं लगा है। भारत को पुरुष वर्ग में विशंभर पहलवान ने 1961 की विश्व प्रतियोगिता में कांस्य पदक दिलाया था। सुशील ने कहा कि विश्व प्रतियोगिता के लिए मेरी तैयारियां पूरी हैं और जिस हिसाब से तैयारी चल रही है उससे मुझे स्वर्ण पदक जीतने की पूरी पूरी उम्मीद है।

मुक्केबाज विजेंदर के विश्व चैम्पियनशिप में कांस्य पदक से आगे नहीं बढ़ पाने के बारे में पूछने पर सुशील ने कहा कि मैं बहुत खुश हूं कि विजेंदर ने विश्व चैम्पियनशिप में देश के लिए पहला पदक जीता। आज नहीं तो कल यह पदक सोने में भी बदल सकता है। विजेंदर ने इटली के मिलान में हुई विश्व मुक्केबाजी चैम्पियनशिप में कांस्य पदक हासिल किया जो इस टूर्नामेंट के इतिहास में भारत का पहला पदक है।

टीवी रियलिटी शो से मिलने वाले प्रस्तावों के बारे में पूछने पर सुशील ने कहा कि प्रस्ताव तो बहुत आ रहे है लेकिन मैं फिलहाल विश्व प्रतियोगिता, उसके बाद दिल्ली में होने जा रहे राष्ट्रमंडल खेल और फिर 2012 के लंदन ओलम्पिक तक अपना ध्यान किसी और चीज पर नहीं लगाना चाहता। मेरा काम कुश्ती में अपने देश का नाम रोशन करना है और इसी तैयारी में सारा समय निकल जाता है। टीवी शो के लिए मेरे पास समय नहीं है।

विश्व कुश्ती चैम्पियनशिप 21 से 27 सितंबर को डेनमार्क में आयोजित की जानी है। भारत इस प्रतियोगिता के फ्री स्टाइल, ग्रीको रोमन और महिला में तीनों वर्गों के लिए अपने पहलवान भेजेगा। पुरुष वर्ग का शिविर जार्जिया के दो कोच की निगरानी में सोनीपत और महिला पहलवानों का शिविर पटियाला के राष्ट्रीय क्रीडा संस्थान (एनआईएस) में चल रहा है। भारतीय टीम 18 सितंबर को डेनमार्क के हेर्निंग के लिए रवाना होगी।

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