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छात्रों को दरी पर बैठाकर ली परीक्षा

..शुक्रवार को अचानक परीक्षार्थियों की भीड़ देखकर एफएनएस एकेडमी गुलजारबाग में अफरातफरी मच गई। आखिर इतने परीक्षार्थी कहां बैठकर परीक्षा देंगे। फिर क्या, आनन-फानन में दरी का इंतजाम कराया गया और इसी पर बैठकर छात्रों ने परीक्षा दी। परीक्षा समिति ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और जांच के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दियागया है। शुक्रवार को प्रथम पाली में भौतिकी व बिजनेस स्टडीा की परीक्षा थी। पटना सिटी क्षेत्र के गुलजारबाग स्थित एफएनएस एकेडमी में इन विषयों के परीक्षार्थियों की संख्या काफी ज्यादा थी। छात्रों की भीड़ देखकर परीक्षा का इंतजाम देखकर रहे लोग मुश्किल में पड़ गए।ड्ढr ड्ढr फिर केंद्राधीक्षक ने दरी का इंतजाम कराया। वैसे तो छात्रों ने दरी पर बैठकर परीक्षा दे दी, लेकिन इस मामले की शिकायत समिति तक पहुंच गई। समिति के अध्यक्ष प्रो. एकेपी यादव ने बताया कि इस मामले की जानकारी मिली और जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) को जांच करने का निर्देश दिया गया है। यहां क्षमता से अधिक छात्रों का परीक्षा केंद्र बनाए जाने के कारण ऐसी स्थिति आई। समिति इस बात की जांच कराएगी कि इस विद्यालय को आखिर कैसे क्षमता से अधिक छात्रों का परीक्षा केंद्र बना दिया गया। एक पाली में दो परीक्षा, समिति परेशानड्ढr पटना (हि.प्र.)। एक पाली में दो परीक्षा..। इंटर विज्ञान की परीक्षा में नई पद्धति के कारण परीक्षा समिति परशान है। वस्तुनिष्ठ परीक्षा और गैरवस्तुनिष्ठ परीक्षा का आयोजन अलग-अलग हो रहा है। केंद्राधीक्षक से लेकर वीक्षक तक इस कार्य में जुटे रहते हैं। केंद्राधीक्षकों का कहना है कि वस्तुनिष्ठ प्रश्नों की परीक्षा ओएमआर शीट पर हो रही है। इसके लिए छात्रों को एक घंटे का समय दिया जा रहा है। इस परीक्षा के दौरान भी छात्रों से एटेंडेंस शीट भरवाने से लेकर अन्य प्रक्रियाएं पूरी करनी पड़ती हैं। इसके बाद गैरवस्तुनिठ प्रश्नों की परीक्षा शुरू होती है। इसके लिए परीक्षार्थियों को दो घंटे का समय मिल रहा है।ड्ढr ड्ढr हालांकि गैर वस्तुनिष्ठ प्रश्नों को पढ़ने और समझने के लिए मात्र पांच मिनट का समय मिलता है, जबकि वस्तुनिष्ठ के लिए दस मिनट का समय। छात्रों की मांग है कि दोनों पत्रों को पढ़ने के लिए कम से कम दस-दस मिनट का समय मिलना चाहिए। समिति भी इन दोनों की अलग परीक्षा को लेकर परशान है। हालांकि इससे फायदा समिति को ही होने वाला है, लेकिन एक पाली में दो परीक्षाओं से मुश्किल है। समिति के सचिव अनूप कुमार सिन्हा भी स्वीकार करते हैं कि कुछ परशानी तो हो रही है, लेकिन छात्रों को ही इससे लाभ होगा।

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