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बटोही..में उभरा महिलाओं का दर्द

संगीत नाटक अकादमी नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित और कला जागरण पटना की प्रस्तुति ‘बटोही, सुन लो हमरी बात’ नाटक का मंचन शुक्रवार को कालिदास रंगालय में किया गया। सुमन कुमार निर्देशित नाटक में महिलाओं की व्यथा को उाागार किया गया है। नाटक में दिखाया गया है कि कालांतर में स्त्री को मात्र भोग विलास की वस्तु के रूप में इस्तेमाल किया जाता था। इसमें मुख्यरूप से वर्णवादी, सामंतवादी व्यवस्था के शिकार लोगों की व्यथा को बखूबी दिखाया गया। नाटक के मार्मिक दृश्यों को देखकर दर्शकों के आंखों में आंसू आ गए।ड्ढr ड्ढr कलाकारों ने अभिनय से दर्शकों को अंतिम समय तक बांधे रखा। हर संवाद भावात्मकता का बोध करा रहे थे। नाटक के माध्यम से यह लोगों को बताने की कोशिश की गई है कि 21वीं शताब्दी में भी महिलाओं को उनका अधिकार नहीं मिल पा रहा है। कलाकारों में गणेश प्रसाद सिन्हा, अखिलेश्वर प्रसाद सिन्हा, कृष्ण मुरारी, सुशील कुमार शर्मा, संजय राय, सुमन पटेल, पूनम ठाकुर, रांनी पटेल, बेबी अस्था सिन्हा, निभा श्रीवास्तव, सोनम सिन्हा, ओम कपूर, रमेश सिंह, नीरा कुमार, रविन्द्र कुमार, रविरांन, रवि त्रिपाठी, सूरा, नीरा कुमार, कुमुद रांन किशोर, प्रीति कुमारी, नितेश कुमार चार्ली, आदिल रशीद रहे। उद्घाटन डा. चतुभरुज ने किया। इस मौके पर जितेन्द्र सहाय, मधुकर सिंह सहित कई लोग मौजूद थे।

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  • Web Title: बटोही..में उभरा महिलाओं का दर्द