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राष्ट्रपति का समर्थन करने पर गांव निकाला: माओवादी

नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएन) के एक वरिष्ठ नेता ने सेना प्रमुख को हटाने संबंधी सरकारी आदेश पर राष्ट्रपति रामबरन यादव द्वारा वीटो किए जाने का समर्थन करने वाले नेपाली कांग्रेस और एकीकृत माआेवादी लेनिनवादी (यूएमएल) के कार्यकर्ताआें को इनके घरों से पकड़ने का फरमान जारी किया है। स्थानीय मीडिया के अनुसार सीपीएन के वरिष्ठ नेता बहादुर रायामाझी ने पश्चिमी नेपाल में संधिखर्का कस्बे में एक रैली को संबोधित करते हुए यह बात कही। कांतिपुर टाइम्स में रायामाझी के बयान के हवाले से आज प्रकाशित रिपोर्ट में बताया गया कि नेपाली कांग्रेस और यूएमएल के कार्यकर्ताआें को पकड़ने के लिए चलाए जाने वाले अभियान नाम पीपुल्स एक्शन रखा गया है। सीपीएन के इस फरमान के तहत राष्ट्रपति के फैसले का समर्थन करने वालों को घरों से पकड़कर उन्हें गांव से बाहर कर देने का आदेश दिया है। इतना ही नहीं फरमान में राष्ट्रपति के फैसले का समर्थन करने वाले विभिन्न दलांे के नेताआें से भी एक सप्ताह के अंदर अपनी पार्टी छोड़ देने या फिर गंभीर परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। गौरतलब है कि रायामाझी ने यह बयान प्रधानमंत्री पुष्पकमल दहल द्वारा यह घोषित किए जाने के बाद दिया जिसमें उन्हांेने धमकी देने वाले सीपीएन के नेताआें के खिलाफ पार्टी की आेर से कार्रवाई किए जाने की बात कही थी। जनरल कटवाल को हटाने के फैसले संबंधी राष्ट्रपति के फैसले के बारे में रायामाझी का कहना है कि अगर स्थिति में सुधार नहीं आया तो माआेवादियों को हथियार उठा कर गांवों और राजधानी काठमांडू को अपने कब्जे में लेने पर मजबूर हेना पड़ेगा।

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