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20 अक्तूबर, 2020|5:45|IST

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स्वाइन फ्लू ने दुनिया में अब तक ली 2837 जानें

स्वाइन फ्लू ने दुनिया में अब तक ली 2837 जानें

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का कहना है कि दुनिया भर में खतरनाक इंफ्लूएंजा एच1एन1 यानी स्वाइन फ्लू का कहर दिन-प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है और 30 अगस्त तक 177 देश इस रोग की चपेट में आ चुके हैं। इस रोग से मरने वालों की संख्या 2837 पहुंच चुकी है और दो लाख 54 हजार 206 मामलों की पुष्टि हो चुकी है।

डब्ल्यूएचओ ने पूरी दुनिया को अपने क्षेत्रीय कार्यालयों के हिसाब से 6 भागों में विभाजित किया हुआ है।
    
डब्ल्यूएचओ द्वारा जारी एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार पूरी दुनिया में 30 अगस्त तक स्वाइन फ्लू की चपेट में 177 देश आ चुके थे और इस घातक रोग का सबसे अधिक प्रभावित डब्ल्यूएचओ क्षेत्र अमेरिका है। इस अवधि तक दुनिया भर में इस रोग से 2837 रोगियों की मौत हुई है, जिनमें अकेले 2234 रोगियों की मौत इसी अमेरिका क्षेत्र में हुई है।

डब्ल्यूएचओं ने विश्व में तेजी से पैर पसार रहे इस घातक रोग पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि आने वाले समय में इसके मामले और इसकी चपेट में आने वाले देशों की संख्या और बढ़ सकती है।

रिपोर्ट के अनुसार दुनिया भर में यह खतरनाक रोग किस तेजी से बढ़ रहा है, इस बात का अंदाज इसी से लगाया जा सकता है कि 23 अगस्त से 30 अगस्त के बीच इस रोग से मरने वालों संख्या में 652 और पुष्ट मामलों में 44 हजार 768 की वृद्धि दर्ज की गई है ।

इस रिपोर्ट में बताया गया है कि इस अवधि में डब्ल्यूएचओ के पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र में स्वाइन फ्लू रोगियों के 63 हजार 895 मामलों की पुष्टि हुई है, जबकि मरने वालों की संख्या 279 हो गई है। दक्षिण पूर्वी एशिया क्षेत्र में इस रोग के 19 हजार 362 मामले सामने आए हैं और 188 रोगियों की मौत हुई है।

यूरोप क्षेत्र में इस रोग के 46 हजार मामलों की पुष्टि और 104 रोगियों की मौत, अफ्रीकी क्षेत्र में 3872 मामले सामने आए हैं और मरने वालों की संख्या 11 है, जबकि मध्य पूर्वी क्षेत्र में 5 हजार 31 मामलों की पुष्टि हुई और मरने वालों की संख्या 21 है।

स्वाइन फ्लू की चपेट में आने वाले देशों की संख्या में भी लगातार वृद्धि होती जी रही है। इस रोग से प्रभावित देशों की संख्या 6 अगस्त को 150 थी जो 30 अगस्त को बढ़कर 177 हो गई है।

डब्ल्यूएचओ का कहना है कि दुनिया में अब तक इस रोग का कोई भी कारगर टीका उपलब्ध नहीं है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसका प्रयास चल रहा है। जब तक इसका टीका ईजाद नहीं होता है तब तक सतर्कता और सावधानी रखकर इससे बचा जा सकता है।

डब्ल्यूएचओ ने 6 जुलाई को एच1एन1 के नियमित रूप से जारी होने वाले आंकड़ों को बंद करने की घोषणा कर दी थी और कहा था कि इससे सामाजिक और आर्थिक स्थिति प्रभावित होती है।

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