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आय से अधिक संपत्ति के मामले में सीबीआइ ने भी दी थी टिप्स

राज्य की निगरानी ब्यूरो को और चुस्त-दुरुस्त करने की कवायद शुरू की गयी है। निगरानी में सीबीआई और केंद्रीय सतर्कता आयोग के रिटायर्ड अधिकारियों को ठेका पर बहाल करने की तैयारी की जा र ही है इस बाबत निगरानी ब्यूरो के एक अधिकारी प्रस्ताव तैयार कर रहे हैं। उसे गृह विभाग क सुपुर्द किया जायेगा। फिर प्रस्ताव को राज्यपाल के यहां भेज दिया जाना है। हाल के दिनों में निगरानी ब्यूरो में कई महत्वपूर्ण मामलों की जवाबदेही सौंपी गयी है। इनमें राज्य के दो पूर्व मंत्री एनोस एक्का और हरिनारायण राय के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने, कोडरमा में सीड घोटाला, आयुष चिकित्सक नियुक्ित घोटाला, रिम्स में नामांकन में फर्जीवाड़ा, आरआरडीए में नक्शा पास करने में गोलमाल, अलकतरा घोटाला सहित कई मामले हैं। एफआइआर हैं। सवा सौ से ज्यादा जांच चल रहा है। वहीं करीब ढाई सौ परिवाद की भी जांच की जा रही है। निगरानी में अधिकारियों की भारी कमी है। पांच एसपी का पद है, जिनपर एक एसपी काम कर रहे हैं। लिहाजा काम का बोझ उनपर ज्यादा है। विभाग में डीएसपी स्तर के अधिकारियों की भी भारी कमी है। विभाग के अपने वाहन भी नहीं हैं। इस बार तैयारी की गयी है कि ठेका पर बहालत किये जाने वाले अधिकारियों की सेवा ली जाये और इन जांचों में उनके अनुभव का लाभ उठाया जाये, ताकि निगरानी जिन मामलों की जांच में जुटी है उसे मंजिल मिल सके। आय से अधिक संपत्ति के मामले में निगरानी के अधिकारियों ने सीबीआई का सहयोग भी लिया है।सीबीआई की टिप्स पर कई काम किये गये।

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  • Web Title: आय से अधिक संपत्ति के मामले में सीबीआइ ने भी दी थी टिप्स