class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

बबलू के खिलाफ मकोका लगाने पर फैसला सुरक्षित

बबलू के खिलाफ मकोका लगाने पर फैसला सुरक्षित

दिल्ली की एक अदालत ने राष्ट्रीय राजधानी में कथित तौर पर अपराध सिंडिकेट चलाने के मामले में माफिया सरगना बबलू श्रीवास्तव और उसके सहयोगी फजल उर रहमान के खिलाफ मकोका कानून के तहत आरोप तय करने के संबंध में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जेआर आर्यन ने मामले में विभिन्न पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद आरोप तय करने के संबंध में आदेश 19 सितंबर तक के लिए सुरक्षित रख लिया।

बबलू और रहमान के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून (मकोका) के तहत मामला दर्ज करने को उचित ठहराते हुए पुलिस ने आरोप लगाया कि वे हत्या, हत्या का प्रयास, पैसे के लिए अपहरण, जबरन वसूली और अन्य प्रकार के अपराधों से संबंधित 40 से अधिक मामलों में शामिल हैं। इनमें से कई अपराध टाडा तथा हथियार कानून के तहत दंडनीय है।

बबलू की ओर से पेश डीबी गोस्वामी ने दलील दी कि आरोपी के खिलाफ मकोका के तहत मामला गलत तरीके से दर्ज किया गया है क्योंकि उसके खिलाफ इस संबंध में कम से कम दो प्राथमिकी होनी चाहिए लेकिन ऐसा एक भी मामला नहीं है।

बबलू को पांच आपराधिक मामलों में शामिल होने के आरोप में 1995 में सिंगापुर से प्रत्यर्पित किया गया था। उसके खिलाफ आरोप है कि वह 1983 से 1997 के बीच अपराध सिंडिकेट में शामिल था।

बिहार में दरभंगा के निवासी रहमान को 2006 में नेपाल सीमा के पास गिरफ्तार किया गया था और वह अभी तिहाड़ जेल में बंद है। पुलिस का दावा है कि रहमान दुबई स्थित अपने अड्डे से अपराध सिंडिकेट चलाता था और वह बबलू से भी जुड़ा हुआ था।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:बबलू के खिलाफ मकोका लगाने पर फैसला सुरक्षित