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अथॉरिटी और स्थानिय लोगों के बीच टकराव की आशंका

शुक्रवार की रात अफसरों के काफिले को लेकर हुए शोर-शराबे की घटना के बाद से अथॉरिटी और कॉलोनियों में रह रहे लोगों के बीच टकराव होने की आशंका बढ़ गयी है। कॉलोनियों में रह रहे लोगों और किसानों ने रविवार को बिसरख पतवाड़ी चौराहे पर महापंचायत बुलाने का ऐलान किया है। पंचायत में अथॉरिटी के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया जाएगा।

गौरतलब है कि ग्रेटर नोएडा अथारिटी के अफसर पिछले एक पखवाड़े से कॉलोनाइजों के खिलाफ अभियान की रणनीति बनाने में लगे हु़ए हैं, मगर विरोध के चलते एक ईंट भी नहीं तोड़ सके हैं। प्रदेश शासन के हस्तक्षेप के बाद आखिरकार आला अफसरों को अभियान खुद अपने हाथों में लेना पड़ा है। सूत्रों के मुताबिक अवैध कॉलोनियों का सर्वे तैयार कर लिया गया है और अथॉरिटी के बुल्डोजर किसी भी दिन शाहबेरी गांव की ओर कूच कर सकते हैं।

हालांकि कॉलोनियों में रह रहे लोग भी पीछे हटने के मूड में नहीं हैं। कालोनियों के मुद्दे पर वार्ता के लिए केबिनेट सचिव शशांक शेखर के दिल्ली पहुंचने की सूचना पाकर किसान भी पूर्व सांसद रमेशचन्द तोमर की अगुवाई में दिल्ली पहुंच गये, मगर वहां पता चला केबिनेट सचिव आए ही नहीं हैं, लिहाजा किसानों का काफिला वापस लौट आया।

काफिले में शामिल सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष गाजियाबाद शाजिद हुसैन, इटैड़ा ग्राम प्रधान रामबीर व शिवकुमार आदि ने बताया कि वे केबिनेट सचिव के सामने किसानों का पक्ष रखने गए थे। गाजियाबाद से सटे पांचों गांवों में ऐसी एक इंच जमीन नहीं है, जिस पर अथॉरिटी से मुआवजा लेने के बाद कब्जा किया गया हो।

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