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लड़कियों की संख्या बढ़ी, भ्रूण हत्या में कमी आई

भ्रूण हत्या को रोकने के लिए और जनपद में लिंगानुपात सुधारने के लिए महामाया आशीर्वाद बालिका योजना पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इस योजना के तहत 15 अप्रैल के बाद जन्म लेने वाली लड़की के लिए शासन से एक निर्धारित रकम फिक्सड डिपोजिट के रूप में बैंक में जमा कर दी जाती है जो 15 वर्ष में 20 हजार हो जाती है। स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख डा.ए.के.धवन ने बताया कि इस योजना के कारण लड़कियों की जन्म दर प्रति हजार 864 से बढ़कर 887 हो गई है।

मूल रूप से आंगनवाड़ी कार्यकत्री द्वारा चलाई जाने वाली महामाया आशीर्वाद योजना का पैसा शासन की ओर से मुहैया कराया जा रहा है। लेकिन इसका रिजल्ट अब सामने आने लगा है। आंगनबाड़ी कार्यकत्री की सहयोग से चलाया जाने वाला सलोनी स्वस्थ किशोरी योजना और महामाया आशीर्वाद योजना के कारण जहां एक तरफ जनपद में लड़कियों की संख्या बढ़ी हैं, वहीं प्रजनन दर में कमी आई है।

प्रदेश में प्रजनन दर लगभग 5 प्रतिशत है, लेकिन गाजियाबाद में यह केवल 3.9 प्रतिशत है। इसके साथ ही गाजियाबाद में साक्षरता दर भी अन्य जिलों से काफी ज्यादा है। यहां लड़कियों की साक्षरता दर लगभग 59 प्रतिशत है। इन सबका मिला-जुला परिणाम भ्रूण हत्या में कमी के रूप में सामने आ रहा है। डा.धवन ने बताया कि सुरक्षित जच्चा-बच्चा मतलब जननी सुरक्षा योजना का भी काफी फायदा हो रहा है।

पिछले वर्ष की अपेक्षा जननी सुरक्षा योजना में लगभग दोगुनी राशि व्यय की गई है। साथ ही संस्थागत प्रसव पर भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से विशेष मुहिम चलाई गई है। इन दोनों प्रोग्राम की सफलता के लिए हाल ही में आशा को प्रोत्साहन राशि भी दी गई है।

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