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अचानक खत्म हुआ भारत का चंद्रयान अभियान

अचानक खत्म हुआ भारत का चंद्रयान अभियान

भारत का पहला चंद्रमा अभियान अपने दो साल के निर्धारित जीवनकाल से पहले ही चंद्रयान प्रथम यान से इसरो का संपर्क टूटने के साथ आज समाप्त हो गया। चंद्रयान 1 को दस महीने पूर्व प्रक्षेपित किया गया था।

चंद्रयान 1 अभियान के परियोजना निदेशक एम अन्नादुरै ने बताया कि जो अभियान दो साल तक चलने वाला था वह निश्चित तौर पर समाप्त हो गया है। हमारा अंतरिक्ष यान से संपर्क टूट गया है। इसरो अध्यक्ष जी माधवन नायर ने कहा कि वैज्ञानिक इस बात का विश्लेषण कर रहे हैं कि क्या गलत हुआ और क्या उसे वापस पाने की संभावना है। उन्होंने कहा कि अभियान का 95 प्रतिशत वैज्ञानिक उद्देश्य पूरा कर लिया गया है।

यह पूछे जाने पर कि क्या अभियान खत्म हो गया है तो उन्होंने कहा कि हमें वास्तविकता का सामना करना है लेकिन कल हमारे सामने बेहतर अवसर होगा। पिछले साल 22 अक्तूबर को प्रक्षेपित किया गया दो वर्षीय अभियान 01:30 बजे अचानक चंद्रयान से रेडियो संपर्क टूटने के कारण शनिवार तड़के त्याग दिया गया।

यहां के निकट बेयालालू स्थित द डीप स्पेस नेटवर्क ने 1380 किलोग्राम चंद्रयान 1 से 00:25 बजे तक पूर्ववर्ती कक्षा में रहने तक डाटा प्राप्त किया। यान के साथ 11 उपकरण भेजे गए थे। इन उपकरणों में छह विदेशी थे।

इसरो ने एक बयान में कहा कि अंतरिक्ष यान से प्राप्त टेलीमेट्री डाटा की विस्तृत समीक्षा की जा रही है और यान की उप प्रणालियों के स्वास्थ्य का विश्लेषण किया जा रहा है। इसमें कहा गया कि स्वदेश विकसित पीएसएलवी सी 11 से श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से प्रक्षेपित चंद्रयान प्रथम अंतरिक्ष यान ने चंद्रमा के 3400 से ज्यादा चक्कर लगाये और टैरेन मैपिंग कैमरा, हाइपर स्पेक्ट्रल इमेजर और मून मिनरेलाजी मैपर जैसे संवेदनशील सेंसरों से भारी मात्र में डाटा उपलब्ध कराया जिससे अभियान का ज्यादातर वैज्ञानिक उद्देश्य पूरा हुआ।

इसरो ने कहा कि पिछले महीने चंद्रयान 1 ने चंद्रमा की सतह के 70 हजार से ज्यादा तस्वीरें भेजी हैं जो चंद्रमा के ध्रुवीय क्षेत्रों के स्थायी रूप से छाया में पड़े पहाड़ों और क्रेटरों का उत्कृष्ट नजारा पेश करते हैं।

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