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कांग्रेस की नजर अब डूसू चुनावों पर

विधानसभा व लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद अब कांग्रेस की नजर दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (डूसू) चुनावों पर टिकी है। आलाकमान के निर्देश कहें या फिर जीत की ललक राजीव भवन स्थित प्रदेश कार्यालय में शुक्रवार को डूसू उम्मीदवारों को बुलाया गया। जिसमें प्रदेश अध्यक्ष जे.पी.अग्रवाल के अलावा कई सांसद, विधायक, पार्षद व क्षेत्रीय नेता शामिल हुए। मुख्यमंत्री शीला दीक्षित भी उम्मीदवारों का हौसला बढ़ने के लिए प्रदेश कार्यालय पहुंची।

बैठक में अग्रवाल व दीक्षित ने एकजुट होकर उम्मीदवारों के हौसले को बढ़ाया। वहां मौजूद क्षेत्रीय विधायकों, पार्षदों व पदाधिकारियों को न केवल एनएसयूआई के उम्मीदवारों से परिचित कराया गया, बल्कि उन्हें इस बात के दिशा-निर्देश भी दिए गए, कि वह किस तरह से अपने इलाके में आने वाले कॉलेजों में प्रचार कार्य को देखेंगे।

अग्रवाल ने कहा कि वह डूटा चुनाव में मिली जीत को लेकर खासे उत्साहित हैं और डूसू में बची कसर भी निकाल लेंगे। उन्होंने कहा कि बीते साल अध्यक्ष पद हमें नहीं मिल सका था, लेकिन इस बार हम विरोधियों का सूपड़ा साफ करने जा रहे हैं। दीक्षित ने चारों उम्मीदवारों को विजयी भव: का आर्शीवाद देते हुए भरोसा दिलाया कि उनके साथ कांग्रेस की पूरी फौज तैयार है, बस वह आगे बढ़े। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि वह चुनाव प्रचार में सरकार के तहत आने वाले कॉलेजों की गर्वनिंग बॉडी के सदस्यों को विशेष तौर पर हिदायत देंगी और शिक्षकों को भी एनएसयूआई के समर्थन में लाया जाएगा। हालांकि उन्होंने कांग्रेस पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को यह हिदायत भी दी कि वह प्रचार के दौरान कॉलेजों में किसी भी तरह के हंगामें से परहेज करें।

एनएसयूआई प्रभारी व एआईसीसी की सचिव मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि हमें सफलता पोस्टर व प्रचार सामग्री नहीं बल्कि मजबूत कार्यकर्ताओं के बूते मिलती है और इस बार भी हमें उनका समर्थन चाहिए।

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