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हिज्बुल के कमांडर को उम्रकैद

हिज्बुल के कमांडर को उम्रकैद

हिज्बुल मुजाहिद्दीन के कमांडर मुजीब अहमद को शुक्रवार को एक स्थानीय अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई। इसी अदालत ने उसे देश में आतंक फैलाने के इरादे से एके 47 राइफल रखने और राजद्रोह का दोषी पाया था। उसे इन अपराधों के आरोप में करीब चार साल पहले गिरफ्तार किया गया था।

मामले में शामिल अन्य छह लोगों को दस साल के कड़े कारावास की सजा सुनाई गई है। इनमें मुजीब की महिला साथी जोहरा निशाद, जहांगीर खान, ट्रक चालक शब्बीर अहमद, क्लीनर रवींद्र कुमार, मोहम्मद यासीन और शेख अवादी हैं। सजा सुनाते हुए प्रथम अतिरिक्त मेट्रोपॉलिटन सत्र न्यायाधीश एल श्रीराम मूर्ति ने मुजीब को धारा 122 और 121 (ए) के तहत उम्रकैद की और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम 1967 की धारा 23 के तहत दस साल की सजा सुनाई। उस पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

सेटेलाइट फोन रखने के मामले में मुजीब को इंडियन वायरलेस टेलीग्राफी अधिनियम की धारा छह के तहत भी एक सालके कारावास की सजा सुनाई गई है। ये सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। सजा सुनाए जाने से पहले मुजीब ने न्यायाधीश से कहा कि वह निर्दोष है। जोहरा ने भी खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि मेरे छोटे-छोटे बच्चे हैं।

मामले में शामिल होने के आरोपी 17 लोगों में से मुजीब अहमद और छह अन्य को गिरफ्तार कर लिया गया था, जबकि दस अन्य फरार हैं। दस साल के सश्रम कारावास के सजायाफ्ता छह अन्य लोगों को भी आईपीसी की धारा 122, 121 (ए) के तहत दोषी पाया गया है।

मुजीब को हैदराबाद पुलिस ने 26 दिसंबर 2005 को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने उसे हिज्बुल मुजाहिद्दीन के सरगना और पाकिस्तानी नागरिक सैयद सलाउद्दीन से अत्याधुनिक एके 47 राइफल हासिल करके राज्य में आपराधिक साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया था।

सरकारी अभियोजक चल्ला सेशु रेडडी ने कहा कि पुलिस को मुजीब के पास से एक सेटेलाइट फोन, सवा लाख रुपये नगदी, भड़काऊ सामग्री वाली दो सीडी मिली थीं और उसने हैदराबाद में हिंसा फैलाने की साजिश रची थी। मुजीब ने इन आरोपों से इंकार करते हुए कहा कि यह मेरे खिलाफ एमआईएम (मजलिस ए इत्तेहादुल मुलिमीन) नेताओं और राज्य सरकार के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की साजिश है, जिन्होंने मुझे झूठे मामले में फंसाया है।

मुजीब को वर्ष 2005 में राजस्थान में एक हथियार खरीदी गिरोह के भंडाफोड़ के बाद मामले में गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले 1989 में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कृष्णा प्रसाद की हत्या के मामले में मुजीब को गिरफ्तार किया गया थाऔर उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। हालांकि उसे वर्ष 2004 में स्वतंत्रता दिवस के दिन जेल से रिहा कर दिया गया था।

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  • Web Title:हिज्बुल के कमांडर को उम्रकैद