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बीपीएल परिवारों के लिए आयोग गठन की मांग

बीपीएल परिवारों की संख्या की गणना के केंद्र के तरीके में खामी बताते हुए बिहार सरकार ने एक आयोग के गठन की मांग की जो उन मानदंडों को निर्धारित करे जिसके जरिए गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले लोगों को परिभाषित किया जा सके।

बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा, गरीबी रेखा के नीचे (बीपीएल) रहने वाले परिवारों की गणना के संबंध में केंद्र का मानदंड सही नहीं है और उसमें अनेक कमियां हैं जिनपर दोबारा गौर करने की आवश्यकता है।

उन्होंने एक आयोग को गठित करने की मांग की जो गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले लोगों को परिभाषित करने के लिए मानदंड निर्धारित करे। उन्होंने कहा, केंद्र का मानदंड अंक आधारित है जिसने ज्यादातर मामलों में गरीबों को बुरी तरह प्रभावित किया है।

मोदी ने कहा कि केंद्र को गरीबों के लिए कल्याणकारी योजनाओं के मामले में बैंकों को संवेदनशील बनाना चाहिए।

जब राज्य सरकार ने उच्च विद्यालय की छात्राओं के लिए साइकिल योजना शुरू की तो यह फैसला किया गया कि 2000 रुपये की राशि उनके (स्टूडेंटस) अकाउन्ट में डाल दिए जाएंगे लेकिन बैंकों ने तब खाता खोलने के मामले में खराब प्रतिक्रिया दिखाई।

मोदी ने दावा किया कि वे इंदिरा आवास योजना और नरेगा जसी योजनाओं के लिए खाता खोलने के अनिच्छुक हैं।

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