DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

संघ थामे कमान, तभी भाजपा का कल्याण : वेदांती

भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद तथा विश्व हिन्दू परिषद केन्द्रीय मार्गदर्शक मण्डल के वरिष्ठ सदस्य डा. राम विलास वेदान्ती का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी का तभी भला हो सकता है, जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इसकी सीधी कमान संभाले और तत्काल नेतृत्व परिवर्तन करे।

उन्होंने कहा कि लाल कृष्ण आडवाणी जैसा योग्य कोई भी नेता भाजपा में नहीं है लेकिन उन्हें प्रधानमंत्री न बनने देने के लिए पार्टी के ही लोगों ने पूरे प्रयास किए। उन्होंने आशंका जताई कि भाजपा को तहत-नहस करने के लिए भाजपा के कुछ तथाकथित कमाण्डरों को विपक्षी कांग्रेस पार्टी ने खरीद लिया है। जो भाजपा को नष्ट करने पर तुल गए हैं। वे चाहते हैं कि भाजपा मुख्य विपक्षी दल भी न रहे।

‘हिन्दुस्तान’ से फोन पर बात करते हुए अयोध्या से डा. वेदान्ती ने कहा कि वस्तुत: भाजपा का पतन तो तभी से शुरू हो गया था जब उमा भारती, गोविन्दाचार्य, मदनलाल खुराना, कल्याण सिंह जैसे तपेतपाए नेताओं को किनारे लगाकर जसवंत सिंह, सुधीन्द्र कुलकर्णी तथा अरुण शौरी जैसे लोगों को भाजपा में महत्व दिया जाने लगा। इन लोगों का संघ या विचारधारा से कभी कोई सम्बंध नहीं रहा। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने भाजपा को खड़ा करने  में अपना खून-पसीना बहाया, उन्हें पार्टी ने बाहर का रास्ता दिखा दिया।

इससे भाजपा में एक वैक्यूम सा हो गया। आवश्यकता इस बात की है कि संघ प्रमुख मोहन भागवत तत्काल हस्तक्षेप करें तथा संघ व विहिप नेतृत्व बैठकर भाजपा को नया नेता दे। जो सीधे संघ से हो। क्योंकि संघ ही भाजपा को पटरी पर वापस ला सकता है।

डा. वेदान्ती ने कहा कि भाजपा को विचारधारा से समझोता नहीं करना चाहिए क्योंकि यही वह बात है जो भाजपा को अन्य दलों से अलग खड़ा करती है। भाजपा को मजबूत करने के लिए पार्टी के सभी पुराने और बिछुड़े साथियों को पार्टी में फिर से वापस लाना चाहिए तथा संघ कैडर के लोगों को पर्याप्त महत्व दिया जाना चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान भाजपा ने कभी भी किसी पूर्व सांसद, पूर्व विधायक, पूर्व मंत्री, पूर्व जिलाध्यक्ष आदि को नहीं पूछा। मनमाने फैसले किए गए। जिनसे भाजपा को नुकसान हुआ।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:संघ थामे कमान, तभी भाजपा का कल्याण : वेदांती