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मायावती के जन्मदिन पर अब आर्थिक सहयोग नहीं

बहुजन समाज पार्टी के दो दिनी राष्ट्रीय अधिवेशन के अंतिम दिन गुरूवार को पार्टी मुखिया मायावती को सर्वसम्मति से तीसरी बार राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया गया। इस मौके पर उन्होंने महँगाई के लिए केन्द्र की संप्रग सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए देश भर में आन्दोलन चलाने का ऐलान किया।

उन्होंने यूपी के बसपाइयों को हालिया उपचुनाव में चार में से तीन सीट जीतने के लिए बधाई देते हुए बाकी उपचुनाव वाली सीटों पर अभी से जुटने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि उनके जन्मदिन पर अब आर्थिक सहयोग नहीं लिया जाएगा। इसकी जगह हर वर्ष एक जनवरी से 31 मार्च तक विशेष सदस्यता अभियान चलाया जायेगा। उन्होंने सदस्यता शुल्क को बीस रुपए से बढ़ाकर चालीस रुपये किए जाने की भी जानकारी दी।

बसपा अध्यक्ष ने कहा कि महँगाई के खिलाफ आन्दोलन चलाकर देश की जनता को सचेत किया जाएगा कि कांग्रेस का हाथ, पूँजीपतियों के साथ है। उन्होंने कहा कि वह अपनी अंतिम साँस तक देश में समतामूलक समाज बनाने के महात्मा ज्योतिबा फुले, छत्रपति शाहूजी महाराज, नारायणा गुरू, बाबा साहेब डॉ अम्बेडकर और बसपा संस्थापक मान्यवर कांशीराम के सपने को पूरा करने में लगी रहेंगी। यूपी में बसपा की सरकार इसी लक्ष्य को सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय की नीति के माध्यम से हासिल करने की कोशिश कर रही है, जिसे देश भर में फैलाने की आवश्यकता है।

 बसपा मुखिया ने कहा कि उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद से अब तक पार्टी ने कई अभूतपूर्व सफलताएँ अर्जित की हैं, जिसमें यूपी में पार्टी की पहली पूर्ण बहुमत वाली सरकार का बनना शामिल है। इसके अलावा 15वीं लोकसभा में बसपा देश की तीसरे नम्बर की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। अन्य राज्यों में भी पार्टी का जनाधार काफी बढ़ा है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र और हरियाणा में पार्टी को भारी सफलता मिलने की उम्मीद है।

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