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पाली-सरूणा गांव भूस्खलन की जद में

ऊखीमठ क्षेत्र के अन्तर्गत हो रही लगातार बारिश से क्षेत्र में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। ग्रामीण भूस्खलन के खतरे से सहमें हुए है और घरों को छोड़ अन्यत्र बस रहे है। प्रखण्ड के पाली-सरूणा गांव में मुधगंगा नदी के कटाव एवं भूस्खलन के चलते गांव पर भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक लोगों में दहशत का माहौल व्याप्त है। उन्होंने शासन-प्रशासन से गांव में हो रहे भूस्खलन की रोकथाम एवं ग्रामीणों को अन्यत्र विस्थापित करने की मांग की है। 

पाली-सरूणा गांव को भूस्खलन का खतरा होने से ग्रामीण अपने घरों को छोड़ रहे है। दो सौ परिवारों वाले इस गांव से 30 परिवार गांव छोड़कर चले गए है। ग्रामीणों के मुताबिक भूस्खलन होने से मकानों पर दरारें पड़ रही है। कई बार शासन-प्रशासन द्वारा गांव में हो रहे भूस्खलन का जायजा भी लिया गया, लेकिन आज तक ग्रामीणों की सुरक्षा हेतु कोई कार्यवाही नहीं हो पाई है। पाली-सरूणा के श्रीधर नौटियाल, विजयपाल रावत, प्रकाश सिंह, राधाकृष्ण, दिनेश रावत का कहना है, कि मेहनत-मजदूरी कर बनाए मकानों पर भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है।

उन्होंने प्रशासन से शीघ्र गांव को भूस्खलन के जद से बचाए जाने की मांग की है। गांव की प्रधान श्रीमती दीपा देवी ने बताया कि इस बाबत शासन-प्रशासन को अवगत करा दिया है, किंतु अभी तक ग्रामीणों की सुरक्षा हेतु कोई प्रयास नहीं किये जा रहे हैं। उप जिलाधिकारी ऊखीमठ प्रकाश चन्द्र का कहना है कि भूस्खलन से गांव को खतरे जैसी कोई शिकायत उनके पास नहीं आई है लिहाजा गांव की सुरक्षा हेतु प्रशासन स्तर पर कार्यवाही की जाएगी।

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