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ऑस्ट्रेलिया की नजरें अब स्पिनरों पर

ऑस्ट्रेलिया की नजरें अब स्पिनरों पर

एशेज की हार के साथ स्तरीय स्पिनर की कमी उजागर होने के बाद क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया मौजूदा सत्र में ही शुरु हो रहे नए राष्ट्रीय अंडर-23 कार्यक्रम के अंतर्गत स्टेट लेवल की टीमों में स्पिनरों को शामिल करना अनिवार्य कर सकता है।

शेन वॉर्न और स्टुअर्ट मैकगिल के संन्यास के बाद से ही स्पिनर की कमी से जूझ रहे ऑस्ट्रेलिया ने नाथन हॉरिट्ज की हाल में अच्छी फॉर्म के बावजूद इंग्लैंड के खिलाफ उन पर भरोसा नहीं दिखाया।

ओवल में निर्णायक टेस्ट में हॉरिट्ज को टीम में शामिल नहीं किया गया, जहां इंग्लैंड के ऑफ स्पिनर ग्रीम स्वान ने ऑस्ट्रेलिया के मध्यक्रम और निचलेक्रम को धराशायी कर दिया। जबकि ऑस्ट्रेलिया के कामचलाऊ स्पिनर मार्कस नॉर्थ ने इंग्लैंड की दूसरी पारी में चार विकेट चटकाए।

सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड की रिपोर्ट के मुताबिक स्पिन डिपार्टमेंट में विकल्पों की कमी से चिंतित सीए अंडर-23 टूर्नामेंट में स्टेट की टीमों में स्पिनरों को चुनने का निर्देश दे सकता है।

सीए के प्रवक्ता ने कहा कि वे स्पिनरों को खिलाने के लिए टीमों को बढ़ावा देने के विभिन्न तरीकों पर विचार कर रहे हैं। यह कैसे काम करेगा इसका आकलन अभी बाकी है, लेकिन वह कप्तानों को स्पिनरों से अधिक गेंदबाजी कराने, टीमों को अधिक स्पिनर खिलाने के लिए उनका उत्साह बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। यह खासतौर से अंडर-23 प्रतियोगिता में किया जा रहा है। इसके लिए वह नियमों और शर्तों में संभावित बदलाव पर भी चर्चा कर रहे हैं।
     
उन्होंने कहा कि उम्मीद करते हैं कि इससे स्पिन डिपार्टमेंट में हमें ज्यादा से ज्यादा विकल्प मिलेंगे और कामचलाऊ स्पिनरों को स्पिन गेंदबाजी का अधिक मौका मिलेगा।
     
ऑस्ट्रेलिया ने पिछले डेढ़ साल में ब्यू कासन, जेसन क्रेजा, कैमरून वाइट, ब्राइस मैकगेन और हॉरिट्ज को परखा है लेकिन ये सब खाली जगह को भरने में नाकाम रहे हैं।

 

 

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