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जजों के संपत्ति घोषित करने के फैसले का स्वागत

जजों के संपत्ति घोषित करने के फैसले का स्वागत

संपत्ति सार्वजनिक करने के सु्प्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों के फैसले का गुरुवार को विधिमंत्री एम वीरप्पा मोइली ने स्वागत किया।

मोइली ने कहा उनके फैसले का स्वागत है। संपत्ति की घोषणा कैसे की जानी चाहिए, यह न्यायाधीशों पर निर्भर करता है। वह देखेंगे कि न्यायाधीशों के हित में क्या ज्यादा अच्छा है।

न्यायाधीशों को संपत्ति की घोषणा करना चाहिए या नहीं, यह मुद्दा पिछले कुछ समय से शीर्ष न्यायपालिका को परेशान कर रहा था। बुधवार को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों ने अपनी संपत्ति की घोषणा करने का फैसला कर ही लिया।

मोइली ने कहा इसमें नया कुछ नहीं है। इसके लिए वह अनिच्छुक नहीं थे लेकिन उनके लिए कुछ और पहलू भी हैं। वह निर्वाचित प्रतिनिधि नहीं हैं।

मंत्री ने कहा कि सरकार कभी नहीं चाहती थी कि न्यायाधीश दबाव में आएं या उन्हें कोई असुविधा हो। उन्होंने कहा अगर वह संपत्ति की घोषणा करते हैं तो इसका स्वागत है। उधर जजों के इस फैसले का सभी राजनीतिक दलों ने स्वागत किया है।

सत्तारूढ़ कांग्रेस के प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा, ‘‘मैं समझता हूं कि यह उचित कदम है और सबसे बड़ी बात यह है कि इसके लिए कोई कानूनी प्रयास करने की जरूरत नहीं पड़ी है, बल्कि सर्वोच्च न्यायालय के जजों ने अपनी मर्जी से यह पहल की है।’’

इस पहल का स्वागत करते हुए माकपा सांसद और पार्टी पोलित ब्यूरो की सदस्य वृंदा करात कहती हैं, ‘‘भले ही यह पहल देर से हुई है, पर इसे स्वागत योग्य कदम कहा जएगा।’’

भाजपा ने भी इसका स्वागत किया है। पार्टी का कहना है कि यह प्रयास लोकतंत्र को और पारदर्शी बनाएगा। पार्टी उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, ‘‘न्यायपालिका लोकतंत्र का प्रमुख स्तंभ है। जजों की पहल बेहद सराहनीय है, पर संपत्ति के बारे में किए गए खुलासे का दुरुपयोग नहीं किया जाना चाहिए।’’

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