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खोलें क्रिएटिविटी के द्वार

खोलें क्रिएटिविटी के द्वार

दोस्तो, अपना प्रोजेक्ट वर्क किसी और से करवा कर तुम अच्छे ग्रेड्स तो पा लेते हो, पर तुम्हारी रचनात्मक क्षमता या क्रिएटिविटी अंदर ही दब कर रह जाती है। तो क्या तुम तैयार हो अपनी छुपी हुई कला को बाहर निकालने के लिए। इसके लिए तुम्हें कुछ बातों पर ध्यान देना होगा होते रहें प्रयोग किसी भी रचनात्मक काम को करने के लिए बार-बार प्रयोग करना पड़ता है। जरूरी नहीं कि पहली ही बार में तुम्हारा प्रयोग कामयाब हो, लेकिन ऐसे में निराश होने की बिल्कुल जरूरत नहीं। अपने प्रयोग के दरवाजे को खुला रखें। तुम्हें जैसे ही कोई आइडिया दिखे, उसे करके देखो। जानते हो क्रिएटिव फील्ड के बड़े से बड़े महारथियों के साथ भी ऐसा अक्सर  होता रहता है, जब कुछ अनूठा रचने की उनकी कोशिश बार-बार असफल होती रहती है, लेकिन अचानक किसी भी क्षण उनका काम एक खूबसूरत रूप में सामने आ जाता है।

विकल्प हों बेशुमार
दोस्तो, किसी भी क्रिएटिव काम को  सीमारेखाओं या निर्देशों में बांधने की कोशिश मत करो। मसलन, मान लो आपकी टीचर आपको किसी क्राफ्ट वर्क के लिए कुछ कलर स्कीम्स या शेप्स के सुझव देती है तो तुम भी हुबहू उसी की सीमारेखा में अपने इस काम को करने की कोशिश करते हो, लेकिन अगर तुम कोई नई कलर स्कीम या नई आकृति में उसे रचने की कोशिश करोगे तो तुम्हारी क्रिएशन एक अनूठा प्रभाव छोड़ेगी।

आकलन भी है जरूरी
अपने अंदर छुपे हुनर को उभारने और अपनी रचनात्मक क्षमता को बढ़ाने के लिए अपने पिछले कामों का आकलन तुम्हें जरूर करते रहना चाहिए। उसके सकारात्मक पहलुओं पर ध्यान देते हुए जहां तुम अगली बार और अधिक आत्मविश्वास से कुछ नया कर सकते हो, वहीं पुराने काम में तुम और बेहतर क्या कर सकते थे, यह आकलन तुम्हारे अगले काम को और बेहतर रूप दे सकता है।

दबाव से बचाव
हमेशा अपने मन को किसी भी तरह के दबाव से दूर रखना।
हो सकता है कि ऐसे काम को खुद करने की कोशिश में पहले एक-दो प्रोजेक्ट्स में तुम्हारा काम बहुत बेहतर न हो पाए और तुम्हारे वे दोस्त, जो पूरी तरह मम्मी-पापा या किसी अन्य बड़े से अपना आर्ट वर्क या कोई अन्य ‘क्रिएटिव वर्क’ करवा लाए हों, उनका काम तुमसे बहुत बेहतर हो और वे कक्षा में सभी दोस्तों और टीचर्स की तारीफ पाएं या उन्हीं के काम को ‘डिस्प्ले’ भी किया जाए, लेकिन तुम्हें इस दबाव से खुद को दूर रखना होगा और यह समझना होगा कि यह तुम्हारी अपनी क्रिएटिविटी है और इसे तुमने खुद अपने बल पर बनाया है, इसलिए यह उन दोस्तों के काम से कहीं बेहतर है।

इनसे भी सीखो
अपनी क्रिएटिव स्किल को अधिक से अधिक बढ़ाने के लिए अपने क्षेत्र में माहिर क्रिएटिव लोगों के आर्ट और वर्क को देखो। जिस भी क्षेत्र में तुम अपना क्रिएटिव हुनर बढ़ाना चाहते हो, उसमें अच्छा काम देख और सीख कर तुम उससे प्रेरित होकर बहुत कुछ कर सकते हो चाहे वह लेखन हो, क्राफ्ट या आर्ट का काम। अच्छे क्रिएटिव काम से प्रेरणा लेकर तुम भी अपनी क्रिएटिविटी को पंख लगा कर कुछ नया रच सकते हो।

इसके लिए टीवी पर ‘मैड’ और ‘आर्ट अटैक’ सरीखे कार्यक्रम और दूरदर्शन पर भी कई ऐसे कार्यक्रम हैं जिन्हें देख कर तुम्हारी क्रिएटिव एबिलिटी जरूर बढ़ेगी। तो तैयार हो जाओ कुछ नया रचने के लिए, जिसमें तुम्हारे अपने हुनर की झलक साफ दिखे।

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