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28 फरवरी, 2020|5:28|IST

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कू क्लक्स क्लैन है भाजपा : जसवंत

कू क्लक्स क्लैन है भाजपा : जसवंत

जसवंत सिंह ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए उसकी तुलना घृणा फैलाने वाले हिंसक श्वेत अमेरिकी संगठन कू क्लक्स क्लैन (केकेके) से की है। निष्कासित नेता ने कहा लालकृष्ण आडवाणी चौकड़ी से घिरे हैं। जसवंत ने कहा कि भाजपा में नेतृत्व का संकट लंबे समय से चल रहा है। यह चरित्र का संकट है और चरित्र के बल पर ही सार्वजनिक जीवन की सुचिता और जवाबदेही, ईमानदारी, विचारों और आचरण वाला नेतृत्व उभरता है। भाजपा का पतन पद लोलुपता के जहर के कारण शुरू हुआ।

बुधवार को निष्कासन पर जसवंत सिंह ने कहा कि मैं सलाहकारों या विचारकों की जादुई मंडली से बाहर का हूं क्योंकि मैं आरएसएस से नहीं हूं। भाजपा को संघ से अपने संबंधों को उजगर करना चाहिए और  पार्टी में गर्भ नाल को काटने की परिपक्वता होनी चाहिए। भाजपा के लिए आगे क्या रास्ता है, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि मैं देख रहा हूं कि पार्टी हर दिन किसी न किसी राजनीतिक अंत:स्फोट का प्रदर्शन कर रही है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की तारीफ करते हुए कहा कि वह संयमी, समावेशी, दूसरों को साथ लेकर चलने वाले थे। भाजपा से फिर से मेल मिलाप की संभावनाओं पर उन्होंने कहा कि अपमान से कैसा मेल मिलाप। सपा में शामिल होने के निमंत्रण को ठुकराते हुए कहा, मैं निर्दलीय ही खुश हूं। 

पीएसी अध्यक्ष पद नहीं छोड़ेंगे  : जसवंत सिंह ने संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी ) के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की संभावना से इंकार कर भजपा की सिरदर्दी और बढ़ा दी। जसवंत ने कहा कि उन्होंने लोकसभा महासचिव से सलाह मशविरा किया है। नियमों के तहत उन्हें अध्यक्ष पद से हटने की जरूरत नहीं है। किन्हीं आधारों पर पीएसी के अध्यक्ष पद से किसी को हटाये जाने का लोकसभा अध्यक्ष को विशेषाधिकार है लेकिन वे आधार उन पर लागू नहीं होते।

क्या है कू क्लक्स क्लैन
आमतौर पर किसी जति, धर्म आदि के खिलाफ घृणा फैलाने वाले गुप्त हिंसक समूह या संगठन को इस नाम से पुकारा जता है। 1865 में श्वेत अमरीकियों को सत्ता के केद्र में रखने को लेकर पहले कू क्लक्स क्लान की स्थापाना की गई थी। इसने अमेरिकी सिविल वॉर के बाद उभर रही लोकतांत्रिक ताकतों व अश्वेतों को निशाना बनाया। 1890 के दशक में ये रेड शर्ट और व्हाईट लीग नामक संगठनों के रूप में फिर उभरे। 1915 में पहले विश्व युद्ध के दौरान यह अधिक सक्रिय हुए। इस दौर में इन्होंने साम्यवाद, यहूदियों व अश्वेतों के खिलाफ नफरत फैलाई। यह संगठन अपने उद्देश्यों को पूरा करने के लिए हिंसक व आतंकी गतिविधियों में भरोसा रखता था। इसके बाद दुनियाभर में घृणा फैलाने वाले समूहों को इसी नाम से जाना जाने लगा।

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