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बीएड सेशन शून्य होने के आसार

बीएड करने की चाह रखने वाले छात्रों के लिए बुरी खबर है। शासन स्तर से प्रवेश प्रक्रिया जारी न होने के कारण बीएड सेशन शून्य होने की आशंका है। प्रदेश स्तर पर होने वाली संयुक्त प्रवेश परीक्षा के लिए शासन स्तर पर कोई तिथि जारी नहीं हुई है। विश्वविद्यालय प्रवेश की गेंद शासन के पाले में डाल रहे हैं।


सत्र 2009-10 के लिए बीएड प्रवेश प्रक्रिया जारी नहीं हुई है। दो साल पहले बीएड प्रवेश में धांधली रोकने को शासन स्तर पर संयुक्त प्रवेश परीक्षा का प्रावधान किया गया। इसके चलते सेशन और लेट होता चला गया। इस बार संयुक्त प्रवेश परीक्षा की कोई कार्ययोजना तैयार नहीं है। स्नातक करने के बाद बीएड करने की चाह रखने वाले छात्र बीएड कॉलेज और विश्वविद्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।

विश्वविद्यालय गेंद शासन के पाले में डाल रहा है। विश्वविद्यालय के आला अधिकारी कहते हैं कि प्रदेश स्तर पर इस संबंध में फैसला लिया जाएगा। प्रवेश प्रक्रिया शुरू न होने से बीएड कॉलेज परेशान हैं। सेशन शून्य होने की आशंका ने उनकी बेचैनी बढ़ा दी है। दरअसल सेशन शून्य होने की स्थिति में बीएड कॉलेजों को लाखों का घाटा होगा। इसके चलते कुछ बीएड कॉलेज ने अपनी तरफ से प्रवेश की मुहिम शुरू की, लेकिन विश्वविद्यालय की नाराजगी के बाद उन्होंने कदम वापस खींच लिए हैं। निजी बीएड कॉलेजों का कहना है कि शासन से आए निर्देशों के आधार पर ही प्रवेश होंगे। गत वर्ष मैनेजमेंट के स्तर पर किए गए करीब चौदह हजार छात्रों की परीक्षा विश्वविद्यालय ने रोक दी थी। बाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर परीक्षा हुई। अगस्त तक प्रवेश संबंधी कोई सूचना न आने के कारण विशेषज्ञ इस सेशन के शून्य होने की आशंका जताने लगे हैं। बीएड कॉलेज में अभी पुराने सेशन की क्लासें चल रही हैं। अगर सेशन लेट हुआ तो वेस्ट यूपी के करीब बीस हजार छात्रों को इसका नुकसान उठाना पड़ेगा।

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