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धौनी से मिलने के लिए दुकान बेची, मंगेतर को छोड़ा

अपने हीरो से मिलने की खातिर कोई किस हद तक जा सकता है इसका प्रमाण कभी-कभी मिल ही जाता है। यूपी के सहारनपुर के रहने वाले 24 वर्षीय रवींद्र कुमार सैनी डेढ़ माह पहले अपनी एकमात्र दुकान, जिससे उनका घर चलता था बेचकर रांची पहुंच गए। इतना ही नहीं उन्होंने अपनी मंगेतर को भी छोड़ दिया। वजह एक ही थी। धौनी से मिलना। वह रांची आए। धौनी के भाई और जीजा से मिले। आश्वासन मिला कि माही से मुलाकात करवा दी जाएगी। पर बात नहीं बनी। लेकिन बुधवार को रवींद्र की किस्मत खुल गई। कारपोरेट ट्राफी के लिए रवाना होने के क्रम में मीडियाकर्मियों के प्रयास से रवींद्र की मुलाकात अपने हीरो से हो गई।

हाथ मिलाया। अपने बारे में बताया। साथ फोटो खिंचवाई और यादगार के रूप में एक कलम माही को दी। रवींद्र ने बताया कि उनके परिवार में वह, उनकी मां और भैया-भाभी है। सहारनपुर के गुंगुर गांव में उनकी फिल्मी कैसेट की दुकान थी। जिससे उनके परिवार का भरण-पोषण होता था। लेकिन धौनी से मिलने की चाहत ने दुकान बेचने पर मजबूर कर दिया। आने से पहले मंगेतर से भी मनमुटाव हुआ। मंगेतर ने पूछा कि मुझे प्यार करते हो या धौनी को। रवींद्र ने कहा-धौनी को। मंगेतर रूठ गई।

रांची आने के बाद काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। खाने-पीने के लाले पड़ गए। काफी कोशिशों के बाद भी वह धौनी से न मिल पाए। इसके लिए कई बार धौनी के बड़े भाई नरेंद्र सिंह धौनी और उनके बहनोई गौतम गुप्ता से मुलाकात की। लेकिन किसी ने उनकी कोई मदद नहीं की। रांची में उन्होंने अपना गुजर बसर करने के लिए जयपाल सिंह स्टेडियम में लगे मेले में सहारनपुर फर्नीचर की दुकान में काम भी किया।

जहां से उन्हें दो वक्त के भोजन का इंतजाम हो जाया करता था। रवींद्र ने बताया कि उन्होंने धौनी के भाई से यह भी कहा था कि वे उन्हें अपने घर में नौकर बना कर रख ले ताकि वह धौनी से मिल सके। लेकिन उन्होंने कहा कि वह उन्हें जानते तक नहीं ऐसे में वे उन्हें अपने घर में नहीं रख सकते।

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