DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

मतदाताओं को पानी में तैरकर वोट डालने आना होगा केन्द्र

 आगामी 15 सितम्बर को सिमरी बख्तियारपुर विधानसभा के होने वाले उपचुनाव में प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी। प्रशासन को जहां एक तरफ तटबंध के अंदर आयी बाढ़ से जूझना पड़ेगा वहीं दूसरी तरफ अपराधियों एवं माओवादी से भी निपटना होगा। अपराधियों के लिए दियारा तो सुरक्षित माना जाता है लेकिन बाढ़ के समय उन्हें दुगुनी ताकत मिल जाती है।

सलखुआ के चार पंचायत एवं बनमा के तीन पंचायत बाढ़ से प्रभावित है। सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड में 110 मतदान केन्द्र है एवं 94 भवन है, सलखुआ में 67 मतदान केन्द्र है एवं 57 भवन है। सलखुआ के बीडीओ सह सीओ ने 29 मतदान केन्द्र को बाढ़ से प्रभावित बताया है जबकि बनमा में मात्र तीन। तटबंध के अंदर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अधिकांश बूथ विद्यालय में है जहां इस समय चारों ओर पानी फैला है।

प्रशासन को इन बाढ प्रभावित इलाकों में बूथ की सुरक्षा के साथ-साथ मतदाताओं को बूथ तक लाने के लिए अच्छी खासी नाव की व्यवस्था करनी पड़ेगी। इस कारण इस बार बाढ़ प्रभावित इलाकों में कम वोट पड़ने की बात कही जा रही है। तटबंध के अंदर बसे सभी गांव जलमग्न है एवं लोग उंची जगह मचान पर शरण लिये हुए है। फिर वे घर से दूर वोट गिराने मतदान केन्द्र पर कैसे पहुंचेगे।

इस समय तो अधिकारियों को भी कहीं जाने के लिए नाव ढुढ़नी पड़ रही है। माना जा रहा है कि इस बार अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में मतदान करा लेना एक बहुत बड़ी चुनौती है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में मतदान होगा चुनौती