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23 फरवरी, 2020|8:04|IST

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एंडो वास्कुलर सर्जरी से बचाया गया शलेश को

एक पेंट्री में काम करने वाली 33 वर्षीया शलेश देवी को बचाया है गुड़गांव के आर्टिमिस हेल्थ इंस्टीटच्यूट के सीईओ एवं कार्डियो थोरेसिक सर्जन डा. कुशाग्र कटारिया ने। उनके लिए यह जिंदगी का सबसे जटिल ऑपरेशन था, जिसमें आठ घंटे की मशक्कत के बाद आखिरकार सफलता मिली।

डा. कुशाग्र के अनुसार यह हिंदुस्तान की पहली सफल मल्टीपल कार्डियोथोरेसिक सर्जरी थी। इसमें शरीर की सबसे बड़ी धमनी एओटिंक वॉल्व को बदला गया और ब्रेन की आर्टरी को बदला गया। ऑपरेशन के दौरान शरीर की तमाम गतिविधियां 17 मिनट तक रुकी रही और ऑपरेशन के सामान्य स्थिति में लाया जा सका। इसमें मरीज के सीने में एक असामान्य रूप से बढ़ हुए एऑर्टिक एन्यूरिज्म को निकालना और ग्राफ्टिंग के  जरिए उस स्थान का पुनर्निर्माण शामिल है।

शरीर की सबसे बड़ी धमनी एओर्टा के एक बड़े हिस्से के फट जाने और दिमाग और दाहिनी बांह को खून पहुंचाने वाली नलिकाओं तक इस क्षति के पहुंचने के कारण इन नलिकाओं को ग्राफ्ट करना भी जरूरी था। सामान्य व्यक्ति में एओर्टा 2.5 सेमी का होता है जबकि इस मरीज का एओर्टा 8 सेमी तक पहुंच चुका था। ऑपरेशन के दौरान प्रभावित क्षेत्र से मस्तिष्क को रक्त आपूर्ति करने वाली धमनी भी शामिल थी।

ऐसे में मरीज को हाइपोथर्मि सकरुलेटरी अरेस्ट से गुजरना पड़ा। मरीज के शरीर के  तापमान को सामान्य 37 डिग्री सेल्सियस से15 डिग्री सेल्सियस पर लाया गया। शरीर और मस्तिष्क से रक्त पूर्णरूपेण निकाल दिया गया। मात्र 300 सीसी खून शरीर के अंगों में था। शरीर के सभी अंगों के काम रोक दिए गए।

इसके बाद हेमी आर्क की ग्राफ्टिंग करके रक्त को वापस शरीर में डाला गया। मस्तिष्क ने कार्य करना शुरू किया। 90 से 120 मिनट में शरीर का तापमान फिर से 37 डिग्री पर लाया गया। एक्स्ट्रा एनाटोमिक बाइपास के जरिए इनोमिनेट धमनी की डिब्राचिंग की गई। डा. कुशाग्र कटारिया के अलावा डा. नवीन स्वामी, डा. हसन तेहरानी और डा. गौरव गुप्ता इस सर्जरी में शामिल थे।

ऐसी सर्जरी विदेश में होती है। पहले ऐसी सर्जरी में 70 फीसदी लोगों की मौत हो जाती थी, मगर आधुनिक तकनीक और इंडोवासकुलर स्वीट जसी मशीनरी के जरिए सर्जरी को काफी मदद मिली। पैंट्री में काम करने वाली शलेश देवी के इलाज के खर्चे ईएसआई वहन कर रही है।

शलेश के पति एक एक्सपोर्ट हाउस में कर्मी हैं। इस साल जनवरी से चक्कर आने और सीने में दर्द की शिकायत पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अभी उनका एक और ऑपरेशन होना है, मगर उसमें इस किस्म के रिस्क नहीं है।

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