DA Image
28 फरवरी, 2020|5:42|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

नौ डॉक्टर, सैकड़ों मरीज

सदर अस्पताल में मात्र नौ डॉक्टरों के जिम्मे 250 बेड का अस्पताल सहित आउटडोर में आने वाले सैकड़ों मरीजों को प्रतिदिन देखने का भार है। मालूम हो कि सजिर्कल विभाग में पांच, मेडिसीन में तीन व गायनकों में एक सहित कुल नौ डॉक्टर सदर अस्पताल में कार्यरत है। सूत्र बताते हैं कि इनमें से तीन को आपातकालीन कक्ष में तो एक महिला डॉक्टर महिला मरीजों के लिए है।

इनके अलावा दांत विभाग में 3 डॉक्टर तो स्त्री रोग विभाग  में दो महिला डॉक्टर कॉन्ट्रेक्ट के तहत कार्य कर रहे हैं। जबकि अस्पताल में मेडिसीन, सर्जरी, आई, ईएनटी, गायनो, स्किनी बीडी, आइसोलेशन, पेडियस्ट्रिक, आर्थो के तहत कुल 13 वार्ड हैं। इनमें लगभग सभी में मरीज भरे हुए हैं। इसके अलावा प्रतिदिन बड़ी संख्या में ऑपरेशन भी होता है। यहां कार्यरत डॉक्टरों पर काम का दबाव भी काफी बढ़ गया है।

मिली जानकारी के अनुसार एक सप्ताह में 35 घंटे का काम निर्धारित है। इसके अलावा इमरजेंसी डय़ूटी के लिए ओवरटाइम देने का भी नियम है। डा. अवनीश कर्ण बताते हैं कि उन्होंने एक सप्ताह में 83 घंटे काम किया है। यहां मरीजों की संख्या के उपेक्षा डॉक्टरों की तुलनात्मक संख्या नहीं के बराबर है। अस्पताल में कार्यरत सभी डॉक्टरों पर काम का ऐसा ही दबाव बना हुआ है।

पांच डॉक्टरों के स्थानांतरण के बाद उनके जगहों को अभी तक पूरा नहीं भरा जा सका है। ना ही डॉक्टरों पर बढ़ते दबाव से निपटने की दिशा में कोई कदम उठाया जा रहा है। सीएम आजाद हिन्द प्रसाद इस संबंध में पूछे जाने पर डॉक्टरों की कमी को स्वीकारते मरीजों को हो रही परेशानी के बाबत कहा कि राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार करने के बाद अस्पताल में मरीजों की संख्या काफी बढ़ गयी है। जिससे यह स्थिति उत्पन्न हो रही है। हालांकि उन्होंने इस दिशा में अपने स्तर से तत्काल हरसंभव कदम उठा समस्या का समाधान कराये जाने की बात कही।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:नौ डॉक्टर, सैकड़ों मरीज