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30 मार्च, 2020|3:51|IST

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मुखबिर बने सिरदर्द, कई वारदातों को दिया अंजाम

पुलिस के मुखबिर अब उसके लिए ही सिरदर्द बने हुए हैं। मंडावली में हुई 20 लाख रुपये लूट की इस वारदात ने एक बार फिर से मुखबिरों की भूमिका का खुलासा कर दिया है। लूट का मुख्य सूत्रधार नदीम पुलिस का पहले से ही खास परिचित है।

मीट के कारोबार की आड़ में वह पुलिस के लिए इनफोरमेशन का काम करता रहा है। जब उसे इस बात का एहसास हो गया कि लूट के मामले में वह पूर्वी जिला पुलिस कर्मियों के हत्थे चढ़ सकता है, तो उसने खुद को अपने एक रिश्तेदार के माध्यम से उत्तर पूर्व जिला पुलिस के समक्ष सरेंडर कर दिया।

सौम्या हत्याकांड में शामिल रवि पुलिस के लिए कोई नया नाम नहीं था। वह दिन रात पुलिस कर्मियों के बीच में बैठता था और समय समय पर उन्हें इरफोरमेशन देता था। सौम्या व जिग्गिषा की हत्या व लूट में शामिल रहा रवि अपनी कार भी पुलिस थाने के बाहर खड़ी करता था। कई माह तक तफ्तीश के बाद रवि व उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के लिए मुखबरी करने वाला शहर का नामी जेबतराश डब्बू व बिट्ट राजधानी में जमकर बसों को लूटते हैं और जब चाहते हैं तब दूसरे जिले में जाकर अपनी गिरफ्तारी करा लेते हैं। संगम विहार का ओमप्रकाश उर्फ बंटी भी पुलिस के लिए मुखबरी करता था। उसने राजधानी में लगातार लूट व हत्या की वारदात कर डाली। अंत में बंटी व उसके साथी को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया।

मंडावली मे मीट कारोबारी आरिफ से 20 लाख लूटने की साजिश रचने वाला नदीम कुरैशी पसोड़ा में रहता है। सूत्रों का कहना है कि वह सीमापुरी व जफराबाद में मीट का कारोबार करने वाले अपने परिचित व रिश्तेदारों के साथ वह उत्तर पूर्व जिला पुलिस कर्मियों के पास आता रहता है। नदीम के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स से पूर्वी जिला पुलिस को यह पता चल चुका था कि नदीम ही वह व्यक्ति है, जो इस वारदात में शामिल है।

जब उसे पूछताछ के लिए बुलाया तो वह अपने एक रिश्तेदार के माध्यम से उत्तर पूर्व जिला पुलिस के समक्ष सरेंडर कर गया। इतना ही नहीं उसने अपने साथियों की मुखबरी कर उन्हें भी गिरफ्तार करा दिया। लूट के इस मामले में शाहने आलम अभी फरार है।

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