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स्वाइन फ्लू पर मंत्रालय की नई गाइड लाइन

स्वास्थ्य मंत्रालय हरियाणा सहित तमाम सूबे में स्वाइन फ्लू को लेकर किए गए इंतजाम से संतुष्ट नहीं है। इसलिए एक नई गाइड लाइन भेजकर उसके अनुरूप तैयारी करने के निर्देश दिए हैं। मंत्रालय ने सूबे में स्वाइन फ्लू की जांच की व्यवस्था करने के साथ इंफ्लूंयज एच1एन1 वायरस के अनुसार प्रभावित मरीजों को मर्ज की गंभीरता के अनुरूप ए, बी और सी श्रेणी में बांटने को कहा है।

श्रेणियों में दर्ज लक्षण के अनुसार ही संभावित मरीजों को 24 से 48 घंटे तक डॉक्टरों की निगरानी में रखने आदेश दिए गए हैं। स्वाइन फ्लू के मरीजों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर मंत्रालय ने स्वास्थ्य विभाग को नया दिशा निर्देश जारी किया है। इसके अनुसार, ओपीडी में आने वाले सभी मरीजों की स्कैनिंग कर उन्हें ए, बी और सी श्रेणी में विभक्त, बुखार, खांसी, गला खराब, शरीर व सर में दर्द, उल्टी-दस्त आदि लक्षण वाले मरीजों और विदेश से आने वाले मरीजों पर विशेष ध्यान देने, उनके संपर्क में आने वालों पर नजर रखने की हिदायत दी गई है।

गाइड लाइन के तहत संभावित स्वाइन फ्लू के मरीजों की एच1एन1 की जांच की जरूरत नहीं। लक्षण पाए जाने पर उन्हें उनके घरों में ही आइसोलेट कर और 24 से 48 घंटे तक विशेषज्ञ डॉक्टरों से संपर्क बनाए रखने की व्यवस्था करने को कहा गया है। हाई रिस्क के चलते उनके परिवार के दूसरे सदस्यों को उनके संपर्क में न आने दें।

स्वाइन फ्लू के मरीजों को पांच वर्ष की उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं, 65 वर्ष के बुजुर्गों, हृदय, टीबी, लीवर, किडनी, डायवटीज, कैंसर, एचआईवी और गंभीर मरीजों से दूर रखने को कहा है। इनमें बीमारियों से लड़ने की क्षमता कम बहुत होती है। स्वाइन फ्लू के गंभीर मरीजों को तीसरी श्रेणी में रखने की हिदायत दी गई है। इस दौरान मरीज को चेस्ट पेन बढ़ जाता है, शरीर से ब्लड निकलने लगता है, सेंसलेस हो जाता है और नाखून झड़ने लगते हैं।

 

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  • Web Title:स्वाइन फ्लू पर मंत्रालय की नई गाइड लाइन