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17 फरवरी, 2020|1:38|IST

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जखोली में जारी है, गुलदार का आंतक

जखोली के गांवों में गुलदार का आंतक बदस्तूर जारी है। विगत एक वर्ष के दौरान गुलदार इस क्षेत्र में दो मासूमों की जान ले चुका है जबकि दजर्नों ग्रामीणों को घायल कर चुका है। बड़ी संख्या में ग्रामीणों के मवेशी भी गुलदार के आंतक का शिकार हो चुके है। बावजूद इसके वन विभाग वेखबर बना हुआ है। ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए कोई प्रयास नहीं हो रहे है।

बीस हजार से अधिक आबादी वाले जखोली प्रखण्ड के दजर्नों गांवों में गुलदार के आतंक से ग्रामीण डरे-सहमें हुए हैं। लगातार गुलदार द्वारा किये जा रहे हमलों के बाद भी वन विभाग ग्रामीणों को सुरक्षित नहीं रख पा रहा है। क्षेत्र की महिलाएं, बुजुर्ग, नौजवान और बच्चे गुलदार के आतंकी हमलों से डरे हुए हैं। जहां महिलाएं जंगलों में घास लेने जाने से कतरा रही है, वहीं ग्रामीणों को एक गांव से दूसरे गांव में जाने के लिए भी जान जोखिम में डालनी पड़ रही है।

इसके अलावा हर रोज मीलों पैदल चलने वाले स्कूली नौनिहालों की जिदंगी भी खतरे से खाली नहीं है। समय-समय पर गुलदार के हमले की घटनाएं प्रकाश में आती रही है। इसके बावजूद वन विभाग आंखे मूंदे बैठा है।

क्षेत्र पंचायत सदस्य विष्णु प्रसाद थपलियाल व प्रधान भटवाड़ी मेहरबान रावत का कहना है कि ब्लॉक में एक वर्ष के अन्तर्गत गुलदार करीब आठ से अधिक लोगों पर प्राण घातक हमला कर चुका है। जबकि गुलदार बेखौफ लोगों के घर-आगंनों में घुस रहा है। गुलदार के सक्रिय होने के बाद भी वन विभाग ग्रामीणों की सुरक्षा के प्रति नकारात्मक रवैया अपनाए हुए है।

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  • Web Title:जखोली में जारी है, गुलदार का आंतक