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जुलाई में आधारभूत उद्योगों की वृद्धि दर घटी

जुलाई में आधारभूत उद्योगों की वृद्धि दर घटी

पेट्रोलिमय और तेल शोधन उद्योगों के खराब प्रदर्शन के चलते देश में छह प्रमुख बुनियादी उद्योगों की जुलाई माह की वृद्धि दर घटकर 1.8 प्रतिशत रह गई है जो चालू वित्त वर्ष की न्यूनतम दर है। एक साल पहले इसी माह में यह वृद्धि दर 5.1 फीसदी रही थी।

आलोच्य माह के दौरान तेल शोधन क्षेत्र के उत्पादन में 14.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इस दौरान कच्चे तेल का उत्पादन 0.4 फीसदी कम रहा। प्रमुख ढांचागत क्षेत्रों की गणना में कोयला, बिजली, सीमेंट और तैयार इस्पात उद्योग भी शामिल हैं और देश के कुल औद्योगिक उत्पादन में इस क्षेत्रों की हिस्सेदारी 26.68 फीसद है। जून माह में इन उद्योगों की सम्मिलित वृद्धि दर 6.8 प्रतिशत रही थी, जिससे औद्योगिक गतिविधियों में गति आने की उम्मीद बंधी थीं।

जुलाई में कच्चे तेल का उत्पादन 0.4 फीसदी गिरा जबकि एक वर्ष पूर्व इसी माह इसमें तीन प्रतिशत की गिरावट आई थी। हालांकि, इस दौरान कोयला उत्पादन में 9.7 प्रतिशत वृद्धि हुई जो एक साल पहले 5.5 फीसदी थी।

बिजली क्षेत्र की वृद्धि दर इस दौरान 3.3 प्रतिशत रही, जो पूर्व वर्ष की इसी अवधि में 4.5 फीसदी थी। वहीं सीमेंट क्षेत्र की वृद्धि पिछले वर्ष जुलाई के 5.5 प्रतिशत वृद्धि के मुकाबले 10.6 प्रतिशत रही। इस दौरान इस्पात का उत्पादन 1.2 प्रतिशत बढ़ा। एक वर्ष पूर्व इसी दौरान इस क्षेत्र की वृद्धि दर 6 प्रतिशत थी। प्रमुख बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर अप्रैल से जुलाई की 4 माह की अवधि के दौरान 4.1 प्रतिशत रही है। इसमें पहले तीन माह की बेहतर वृद्धि का योगदान है।

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