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अब खंडूड़ी ने दिखाए बगावती तेवर

अब खंडूड़ी ने दिखाए बगावती तेवर

लोकसभा चुनावों में हार को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का अंदरूनी संकट बुधवार को उस समय और गहरा गया जब वरिष्ठ नेता अरुण शौरी और वसुंधरा राजे के बाद उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूडी़ ने पार्टी हाईकमान से उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटाए जाने को लेकर सवाल खडे़ कर दिए। राजस्थान से पार्टी के राज्यसभा सदस्य डा. नारायण सिंह माणकलाव ने पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह से वरिष्ठ नेता जसवंत सिंह को पार्टी में वापस लेने और उनसे क्षमा मांगने की अपील की है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक खंडूडी ने पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर लोकसभा चुनाव में पार्टी की हार के लिए उनसे मुख्यमंत्री पद वापस लेने के फैसले को कटघरे में खडा़ करने की कोशिश की है। हालांकि राजनाथ सिंह ने इस तरह का कोई पत्र मिलने से इंकार किया है।

खंडूडी़ ने पत्र लिखने और उसके मजमून का खुलासा करने से इंकार करते हुए एक टीवी चैनल से कहा कि वह पार्टी के अनुशासित सिपाही हैं और पार्टी हाईकमान से वह जो कुछ कहना चाहते थे कह चुके हैं। वह इन बातों का मीडिया में खुलासा नही करेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी में इस समय जो हो रहा है वह चिंता का विषय है। समझा जाता है कि खंडूडी़ ने शिकायत की है कि उन्हें चुनाव में हार के लिए बलि का बकरा बनाया गया है।

उल्लेखनीय है कि भाजपा उत्तराखंड में लोकसभा की पांचों सीट पर हार गई थी और पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी के नेतृत्व में उभरे विरोध के बाद खंडूडी को मुख्यमंत्री पद छोड़ना पडा़ था और उनके स्थान पर रमेश पोखरियाल (निशंक) को मुख्यमंत्री बनाया गया।

इस बीच राज्यसभा सदस्य डा. माणकलाव ने राजनाथ सिंह को पत्र भेजकर जिन्ना पर पुस्तक लिखने के लिए जसवंत सिंह को पार्टी से निकाले जाने को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। उन्होंने राजनाथ को अपना पक्ष रखने तक का मौका नहीं दिए जाने की भर्तसना की है। उन्होंने राजनाथ सिंह से जसवंत सिंह को पार्टी में वापस लेने और उनसे क्षमा मांगने की अपील की है।

उल्लेखनीय है कि राजस्थान में चुनावों में हार के मद्देनजर भाजपा संसदीय बोर्ड ने पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को विधानसभा में विपक्ष का नेता पद छोड़ने के लिए कहा है लेकिन अभी तक उन्होंने उस फैसले का पालन नहीं किया है। पार्टी की हार पर सवाल खडे़ करने और जिन्ना पर विवादित पुस्तक लिखने के लिए वरिष्ठ नेता जसवंत सिंह के पार्टी से निष्कासन के बाद अरुण शौरी ने राजनाथ सिंह पर निशाना साधते हुए एक साक्षात्कार में उन्हें हम्पटी डम्पटी बताते हुए कहा था कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को भाजपा को अपने हाथ में ले लेना चाहिए।

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